क्या आपने कभी सोचा है कि कानून की नजरों से बचने के लिए अवैध कारोबारियों द्वारा किस हद तक शातिर तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है? उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (जिसे पहले मुगलसराय के नाम से जाना जाता था) से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहाँ पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत भारी मात्रा में देशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, क्योंकि इस गोरखधंधे में शामिल कोई पेशेवर तस्कर नहीं, बल्कि महिलाएं थीं।
चकिया तिराहे पर चेकिंग के दौरान मिला सुराग
घटना रविवार शाम करीब 6:00 बजे की है। स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की मुस्तैदी एक बार फिर रंग लाई। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम व्यस्त चकिया तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से एक बेहद गोपनीय और पुख्ता सूचना मिली, जिसने पुलिस को तुरंत एक्शन मोड में ला दिया।
मुखबिर ने बताया कि पुलिस कॉलोनी के पास एक सुनसान इलाके में पेड़ के नीचे कुछ संदिग्ध महिलाएं भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ बैठी हैं और किसी ग्राहक का इंतजार कर रही हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना एक पल गंवाए अपनी रणनीति बनाई और मौके की तरफ कूच कर दिया।
पेड़ के नीचे छिपाकर रखी गई थी शराब
पुलिस टीम ने जब बताए गए स्थान (पुलिस कॉलोनी के पास) पर दबिश दी, तो वहां पांच महिलाएं सफेद रंग के बड़े-बड़े झोलों के साथ बैठी हुई मिलीं। पुलिस ने बिना समय गंवाए चारों तरफ से घेराबंदी कर उन पांचों महिलाओं को दबोच लिया। जब उनके झोलों की तलाशी ली गई, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
झोलों के अंदर 'ब्लू लाइम' ब्रांड के देशी शराब के पाउच भरे हुए थे। गिनती करने पर कुल 350 पाउच बरामद हुए, जिनकी कुल मात्रा 70 लीटर आंकी गई। पुलिस के अनुसार, बाजार में इस जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब 25,000 रुपये है।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान और उनका सच
पुलिस पूछताछ में इन महिलाओं की पहचान और उनके काले कारनामों की परतें खुलनी शुरू हुईं। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान इस प्रकार है:
- डोमनी देवी
- राजमुनी कुंवर
- विंध्याचली कुंवर
- हिरंगा देवी
- सुमन देवी
चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी महिलाएं उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य बिहार के रोहतास और भोजपुर जिलों की रहने वाली हैं। बिहार में पूर्ण शराबबंदी (Prohibition) लागू होने के कारण वहां अवैध शराब की मांग और कीमतें बहुत ज्यादा हैं, जिसके चलते सीमावर्ती इलाकों से इस तरह की तस्करी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।
"पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे वैध शराब की दुकानें बंद होने के बाद, रात के समय या छिपकर ऊंचे दामों पर शराब बेचती थीं। इसी से होने वाली कमाई से वे अपना और अपने परिवार का जीवनयापन करती थीं।" — स्थानीय पुलिस अधिकारी
कानूनी कार्रवाई और आगे की दिशा
पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सभी पांचों महिलाओं के खिलाफ आबकारी अधिनियम (Excise Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे इतनी बड़ी मात्रा में शराब आखिर कहां से लेकर आती थीं और इस नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा सरगना या सिंडिकेट तो काम नहीं कर रहा है।
इस पूरी सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के साथ-साथ चौकी प्रभारी रेलवे शिवपूजन बिंद, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार, कांस्टेबल अमित यादव और महिला कांस्टेबल प्रियंका प्रजापति शामिल थीं। प्रशासन की इस मुस्तैदी से साफ है कि अवैध शराब के कारोबारियों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. मुगलसराय में पुलिस ने कुल कितनी शराब जब्त की?
पुलिस ने चेकिंग के दौरान 70 लीटर देशी शराब (ब्लू लाइम ब्रांड के 350 पाउच) जब्त की है, जिसकी कीमत करीब 25 हजार रुपये है।
2. इस मामले में कितनी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है?
इस मामले में कुल पांच महिलाओं (डोमनी देवी, राजमुनी कुंवर, विंध्याचली कुंवर, हिरंगा देवी और सुमन देवी) को गिरफ्तार किया गया है।
3. गिरफ्तार महिलाएं कहां की रहने वाली हैं?
ये सभी महिलाएं पड़ोसी राज्य बिहार के रोहतास और भोजपुर जिलों की निवासी हैं, जो सीमावर्ती इलाकों में अवैध रूप से शराब बेचने का काम करती थीं।