क्या पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत अब एक बार फिर सुलग रहा है? क्वेटा में हुए एक भयानक बम धमाके ने एक बार फिर से इस अशांत इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार दोपहर को हुए इस जोरदार आईईडी (IED) धमाके में दो बेकसूर लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और मानवाधिकार संगठनों ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है।
क्वेटा में रविवार दोपहर का खौफनाक मंजर
स्थानीय पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक धमाका रविवार को दोपहर करीब 3 बजे बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में हुआ। शुरुआती रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह विस्फोट एक वाहन को निशाना बनाकर किया गया था। जिस गाड़ी में यह धमाका हुआ, वह पानी के पाइपलाइन से जुड़ा सामान लेकर जा रही थी।
विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए मृतकों के शवों और घायलों को तुरंत क्वेटा के नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। हालांकि, अभी तक किसी भी विद्रोही गुट या आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जिस तरह से इस घटना को अंजाम दिया गया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है.
पाकिस्तानी एयरफोर्स के हमलों के ठीक बाद हुआ ब्लास्ट
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब बलूचिस्तान पहले से ही भारी तनाव के दौर से गुजर रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) ने सुराब के गिदर इलाके में रिहायशी बस्तियों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध बमबारी की थी।
उस सैन्य कार्रवाई में महिलाओं और मासूम बच्चों समेत 30 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए थे और भारी पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ था। उस दर्दनाक घटना के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि क्वेटा के इस नए IED ब्लास्ट ने बलूच अवाम के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.
"यह घटना साबित करती है कि पाकिस्तान कैसे बेगुनाह बलूच नागरिकों और बच्चों की हत्याओं के दम पर अपनी सत्ता चला रहा है। यह सीधे तौर पर एक नरसंहार है।" - सबिहा बलूच, नेता, बलूच यकजेहती कमेटी (BYC)
सबिहा बलूच और मानवाधिकार संगठनों का फूटा गुस्सा
बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की प्रमुख नेता सबिहा बलूच ने इस क्रूर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपना दर्द और गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा कि जिस इलाके में यह घटना हुई है, वह पूरी तरह से पाकिस्तानी सेना की कड़ी घेराबंदी में है।
सबिहा बलूच ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने एम्बुलेंस, मेडिकल स्टाफ, पत्रकारों और बचाव टीमों के घटनास्थल पर आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। मानवीय सहायता को रोकना और स्वतंत्र दस्तावेजों को सामने न आने देना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें और पीड़ितों तक मदद पहुंचाएं।
बीवीजे (BVJ) ने की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग
इस बीच, प्रमुख मानवाधिकार संगठन 'बलूच वॉयस फॉर जस्टिस' (BVJ) ने इस पूरे घटनाक्रम की एक निष्पक्ष, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी वाली जांच की मांग उठाई है। संगठन ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया में निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- सार्वजनिक हो सच: मारे गए और घायल हुए तमाम लोगों की पहचान और उनकी मेडिकल रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए।
- जवाबदेही तय हो: इस खूनी खेल के पीछे जो भी लोग या ताकतें शामिल हैं, उन्हें बेनकाब कर जवाबदेह ठहराया जाए।
- अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन: आम नागरिकों—विशेषकर महिलाओं और बच्चों—की सुरक्षा करना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी सैन्य अभियानों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करना चाहिए।
आगे क्या?
बलूचिस्तान में लगातार बिगड़ते हालात और नागरिकों पर हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना पर लगातार यह दबाव बढ़ रहा है कि वे बलूच जनता के अधिकारों की रक्षा करें और सैन्य जुल्मों को बंद करें। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि बलूचिस्तान की गलियों में बह रहा खून थमने का नाम नहीं ले रहा है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा वैश्विक मंचों पर एक बड़ा विवाद बन सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्वेटा में हुआ IED ब्लास्ट क्या था?
Ans: क्वेटा में पानी के पाइपलाइन का सामान ले जा रहे एक वाहन को निशाना बनाकर IED धमाका किया गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
Q2. सबिहा बलूच ने पाकिस्तान सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
Ans: BYC नेता सबिहा बलूच ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना बलूच नागरिकों का नरसंहार कर रही है और धमाके वाले इलाके में मेडिकल टीमों व पत्रकारों के जाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
Q3. बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) की मुख्य मांग क्या है?
Ans: BVJ ने इस घटना की तुरंत, स्वतंत्र, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी वाली जांच की मांग की है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।