उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी धन से बनी एक गौशाला भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा नादी-निधौरा में करोड़ों की लागत से बनाई गई गौशाला का ताला आज तक मवेशियों के लिए नहीं खुला, बल्कि इसके अंदर अवैध रूप से खेती की जा रही है। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी शह पर सरकारी संपत्ति का इस तरह निजी इस्तेमाल हो रहा है?
शुरुआत से ही ताले में बंद है गौशाला
राहुल यदुवंशी और गांव के अन्य नागरिकों ने इस मामले में जिलाधिकारी जिलाधिकारी महोदय से अनुरोध है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से इस गौशाला का निर्माण कार्य पूरा हुआ है, तब से इसे कभी संचालित ही नहीं किया गया। आवारा पशुओं की समस्याओं से जूझ रहे इस इलाके के किसानों को उम्मीद थी कि इस गौशाला के बनने से उनकी फसलों को सुरक्षा मिलेगी, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत निकली।
गौशाला के दरवाजे हमेशा बंद रहते हैं, जिससे निराश्रित गोवंश आज भी सड़कों और खेतों में भटकने को मजबूर हैं। ठंड और बारिश के इस मौसम में किसानों की खून-पसीने की मेहनत से उगाई गई फसलें इन खुले घूम रहे पशुओं का शिकार बन रही हैं।
गौशाला के अंदर हो रही है अवैध खेती
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर गौशाला मवेशियों के लिए बंद है, तो उसका इस्तेमाल कौन कर रहा है? ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि स्थानीय कुछ दबंगों या असामाजिक तत्वों ने इस सरकारी परिसर पर कब्जा कर लिया है। गौशाला की चारदीवारी के अंदर बाकायदा फसल उगाई जा रही है।
एक तरफ जहां सरकार आवारा पशुओं के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये का बजट पास कर रही है और तमाम योजनाएं चला रही है, वहीं मैदानी स्तर पर इस तरह की तस्वीरें सरकारी व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। गोवंश ठंड में ठिठुर रहे हैं और गौशाला के भीतर फसल लहलहा रही है।
जिला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
गाँव के लोगों ने अब जिला प्रशासन और जिलाधिकारी चंदौली से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- गौशाला का तुरंत ताला खुलवाकर इसे संचालित किया जाए।अवैध खेती करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच हो जिन्होंने अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: यह मामला उत्तर प्रदेश के किस जिले से जुड़ा है?
Ans: यह मामला चंदौली जिले के नादी-निधौरा ग्राम सभा से जुड़ा हुआ है।
Q2: ग्रामीणों की मुख्य शिकायत क्या है?
Ans: ग्रामीणों की शिकायत है कि निर्माण के बाद से गौशाला बंद पड़ी है और इसके अंदर मवेशियों की बजाय अवैध रूप से खेती की जा रही है।
Q3: इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की मांग की जा रही है?
Ans: ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गौशाला को तुरंत खुलवाने और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।