आज के इस डिजिटल दौर में भी बच्चों के पढ़ने के लिए एक अदद प्राथमिक विद्यालय तक न हो? जी हां, यह तस्वीर है उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले की, जो विकास के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। जिले के चहनियां ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली खण्डवारी ग्राम पंचायत के लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आखिरकार, ग्रामीणों का सब्र टूट गया और समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक दरवाज़े खटखटाए गए।
हाल ही में, खण्डवारी के ग्राम प्रधानपति सतीश गुप्ता ने क्षेत्र की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर सांसद वीरेंद्र सिंह को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में सड़क, शिक्षा, बिजली और शहीदों के सम्मान से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए गए हैं, जिनपर अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। आइए जानते हैं कि इस ज्ञापन में किन-किन प्रमुख मांगों को प्रमुखता से रखा गया है और गांव के लोगों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।शिक्षा का अभाव: बच्चों का भविष्य दांव पर
इस ज्ञापन का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षा से जुड़ा है। प्रधानपति सतीश गुप्ता ने सांसद को बताया कि इतनी बड़ी आबादी वाले खण्डवारी ग्राम पंचायत में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित एक भी प्राथमिक विद्यालय नहीं है।
इसका खामियाजा सबसे ज्यादा गरीब परिवारों के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। प्राथमिक शिक्षा के लिए नन्हे-मुन्ने बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए गांव में जल्द से जल्द एक नवीन प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की जाए।
कच्ची सड़कें और अमृत सरोवर तक पहुँच की दुश्वारियां
गांव के विकास का पैमाना वहां की सड़कें होती हैं, लेकिन खण्डवारी (रानेपुर) का हाल कुछ अलग ही कहानी बयां करता है। ज्ञापन में बताया गया कि दया यादव के घर से लेकर शहीद बाबा स्मारक स्थल-कब्रिस्तान और मां खण्डवारी अमृत सरोवर तक जाने वाला मार्ग आज भी कच्चा है।
- बारिश के दिनों में इस रास्ते पर चलना दूभर हो जाता है।
- अमृत सरोवर तक पहुंचने में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- आम जनता और राहगीरों की सुविधा के लिए इस पूरे मार्ग पर पक्की सीसी रोड (CC Road) के निर्माण की पुरजोर मांग की गई है।
चहनियां विद्युत उपकेंद्र की सुरक्षा पर सवाल
बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए बने उपकेंद्र खुद भगवान भरोसे हैं। ज्ञापन में चहनियां विद्युत उपकेंद्र की बदहाली का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
हैरानी की बात यह है कि स्थापना के इतने साल बीत जाने के बाद भी इस उपकेंद्र की बाउंड्रीवाल नहीं बनाई गई है। चूंकि यह उपकेंद्र घनी आबादी के बीच स्थित है, इसलिए सुरक्षा को लेकर हमेशा खतरा बना रहता है। इसके साथ ही, उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों के आवास भी बेहद जर्जर हालत में हैं, जिनकी तुरंत मरम्मत कराने की मांग उठाई गई है।
शहीदों के सम्मान और सामाजिक सुविधाओं की दरकार
ग्रामीणों ने अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुछ अन्य सामाजिक और सांस्कृतिक मांगों को भी सांसद के समक्ष रखा है:
- विवाह मंडप का निर्माण: लगभग 8 से 10 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में गरीब परिवारों के आयोजनों के लिए कोई उचित स्थान नहीं है, इसलिए एक सार्वजनिक विवाह मंडप बनवाने की मांग की गई है।
- शहीद बाबा स्मारक स्थल: यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए 20x90 फीट का विशाल टिन शेड लगाने की मांग की गई है।
- शहीद स्मारक और तिरंगा: विकास खंड चहनियां परिसर स्थित शहीद स्मारक पर लगभग 125 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज (Tricolor) स्थापित करने का अनुरोध किया गया है ताकि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि मिल सके और युवाओं में देशभक्ति की अलख जग सके।
मौके पर मौजूद रहे कई दिग्गज
जब सांसद वीरेंद्र सिंह को यह ज्ञापन सौंपा गया, उस दौरान स्थानीय राजनीति और समाज के कई जाने-माने चेहरे भी वहां मौजूद रहे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव, राजीव सिंह मुन्ना, व्यापार मंडल अध्यक्ष भानु प्रताप यादव, और सुभाष यादव समेत तमाम ग्रामीण और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इन विकास कार्यों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की बात कही।
बहरहाल, अब देखना यह होगा कि सांसद महोदय और स्थानीय प्रशासन इन मांगों पर कितना संज्ञान लेते हैं और खण्डवारी गांव के दिन कब बहुरते हैं। क्या वाकई इस ज्ञापन के बाद गांव की तस्वीर बदलेगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन ग्रामीणों की उम्मीदें अब पूरी तरह से जनप्रतिनिधियों के अगले कदम पर टिकी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: खण्डवारी ग्राम प्रधानपति ने सांसद को ज्ञापन क्यों सौंपा?
उत्तर: खण्डवारी गांव में सड़क निर्माण, प्राथमिक विद्यालय की स्थापना, विद्युत उपकेंद्र की सुरक्षा दीवार, विवाह मंडप और शहीद स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने जैसी कई बुनियादी जनसमस्याओं के समाधान के लिए सांसद वीरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा गया है।
Q2: गांव में शिक्षा को लेकर क्या मुख्य समस्या है?
उत्तर: इस ग्राम पंचायत में बेसिक शिक्षा परिषद का एक भी प्राथमिक विद्यालय नहीं है, जिसके कारण छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़ता है।
Q3: इस मुलाकात के दौरान कौन-कौन प्रमुख लोग मौजूद थे?
उत्तर: सांसद को ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव, राजीव सिंह मुन्ना, व्यापार मंडल अध्यक्ष भानु प्रताप यादव और सुभाष यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।