भारत आज अपनी स्वतंत्रता के 80वें वर्ष का जश्न पूरे हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। साल 1947 में मिली ऐतिहासिक आजादी के बाद से हर साल देश का मुख्य समारोह ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित किया जाता है। इस बार का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में बेहद खास और ऐतिहासिक है, क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रगान से पहले 'वंदे मातरम' का गान किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले पर ध्वजारोहण किया और देशवासियों को संबोधित किया।
'हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा' के साथ नए संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए की। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। आज का यह पल ऐतिहासिक है, क्योंकि आजादी के बाद 15 अगस्त को पहली बार लाल किले पर 'वंदे मातरम' गूंज रहा है।"
लाल किले पर आयोजित इस भव्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों से आए लोग, विशेष रूप से देश के युवा और स्कूली छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस वर्ष के समारोह का मुख्य केंद्रबिन्दु 'वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने' और 'वर्ष 2047 तक एक विकसित भारत (Viksit Bharat) के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका' पर केंद्रित रहा।
राजघाट से लाल किले तक का सफर और भव्य स्वागत
इससे पहले दिन की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वे राष्ट्रीय समर स्मारक गए, जहां उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर जवानों को नमन किया।
लाल किले के लाहौरी गेट पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया। इसके बाद रक्षा सचिव ने प्रधानमंत्री की मुलाकात दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी से कराई। आगमन पर पीएम मोदी को तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक शासन के अंत को सुनिश्चित करने वाले उन अनगिनत सेनानियों के सपने आज भी देश को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
- 140 करोड़ भारतीयों की ताकत: पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आज देशवासियों के सामूहिक प्रयासों से भारत हर क्षेत्र में प्रगति की नई ऊंचाइयां छू रहा है।
- विकसित भारत का सपना: 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा।
- विशेष सजावट: रक्षा मंत्रालय की देखरेख में लाल किले को तिरंगे के रंगों वाले जीवंत फूलों से बेहद खूबसूरती से सजाया गया है।
समारोह की खास बातें और सुरक्षा व्यवस्था
इस बार के समारोह में सुरक्षा और मेहमानों की मेहमाननवाज़ी के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सुबह 6:30 से 7:00 बजे के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि सहित थल सेना, वायुसेना और नौसेना प्रमुख लाल किले पर पहुंचे। इसके बाद सवा सात बजे प्रधानमंत्री का आगमन हुआ।
यह स्वतंत्रता दिवस न केवल देश के अतीत के गौरवशाली इतिहास को याद करने का अवसर है, बल्कि भविष्य के भारत की एक मजबूत नींव रखने का भी संकल्प है, जहां युवा देश की बागडोर संभालते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने के मार्ग पर अग्रसर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: इस बार स्वतंत्रता दिवस का कौन सा साल मनाया जा रहा है?
A: भारत इस वर्ष अपनी स्वतंत्रता के 80 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है।
Q2: प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले पर कौन सा रिकॉर्ड बनाया है?
A: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार ध्वजारोहण किया है।
Q3: इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे खास बात क्या रही?
A: इस साल के समारोह में इतिहास में पहली बार लाल किले पर 'वंदे मातरम' का गान किया गया और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प पर विशेष जोर दिया गया।