क्या एकता और जज्बे में बड़ी से बड़ी समस्याओं को चुटकियों में हल करने की ताकत होती है? उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक ऐसी ही प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने साबित कर दिया कि अगर ठान लिया जाए तो जनता के सहयोग से बड़े से बड़े काम आसानी से पूरे किए जा सकते हैं।
जिले के धानापुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा लखईपुर में इन दिनों चारों तरफ एक ही चर्चा है—और वह है गांव के नवनिर्मित शिव मंदिर परिसर में हुआ नया बोरिंग और हैंडपाइप का काम। यह नेक कार्य न तो किसी बड़े सरकारी ठेके के तहत हुआ और न ही किसी विधायक निधि से, बल्कि यह पूरी तरह से ग्रामीणों की आपसी मेहनत, लगन और जनसहयोग का परिणाम है।
वेटरन्स एसोसिएशन और ग्रामीणों ने मिलाया हाथ
मिली जानकारी के अनुसार, वेटरन्स एसोसिएशन के जिला महासचिव वीरेंद्र प्रताप यादव की पहल और पूरे गांव के तमाम सम्मानित नागरिकों के सक्रिय सहयोग से इस कार्य को अमलीजामा पहनाया गया है। मंदिर परिसर में पानी की भारी किल्लत को देखते हुए स्थानीय स्तर पर ही यह बीड़ा उठाया गया था।
वीरेंद्र प्रताप यादव ने इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "यह किसी एक व्यक्ति की सफलता नहीं है, बल्कि हमारे पूरे गांव की समिति की मेहनत और लगन का नतीजा है। जब नीयत साफ हो और काम समाज हित में हो, तो रास्ते अपने आप बनते चले जाते हैं।"
बोरिंग के दौरान मौजूद रहे ये प्रमुख चेहरे
हैंडपाइप की बोरिंग और स्थापना के इस पूरे अभियान के दौरान कई स्थानीय लोग पूरी शिद्दत के साथ डटे रहे। जिनकी मुख्य भूमिका और सक्रिय भागीदारी रही, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- अंगद यादव
- रामप्रताप यादव
- अमरजीत यादव
- रंगीले यादव
- रवि यादव
- साथ ही लखई पुर ग्राम सभा के अन्य सभी सम्मानित नागरिक और युवा साथी।
इन सभी के अथक प्रयासों से आखिरकार हैंडपाइप की बोरिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। अब मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
ग्रामीण संस्कृति की एक और मिसाल
आज के दौर में जहां लोग हर छोटी-छोटी बुनियादी सुविधा के लिए भी पूरी तरह प्रशासन और सरकारों पर निर्भर हो चुके हैं, वहीं चंदौली के लखनीपुर गांव के लोगों ने आत्मनिर्भरता की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। धार्मिक स्थल यानी शिव मंदिर पर इस सुविधा के जुड़ने से न सिर्फ दर्शनार्थियों को राहत मिलेगी, बल्कि आने वाले आयोजनों और मेलों के दौरान भी पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से हुए ऐसे कार्य आपसी भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। इस पहल ने यह भी दिखा दिया कि यदि ग्रामीण एकजुट होकर किसी सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाएं, तो गांव का विकास कैसे स्वतः संभव हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: यह हैंडपाइप कहां लगाया गया है?
Ans: यह हैंडपाइप उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धानापुरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा लखईपुर में स्थित नवनिर्मित शिव मंदिर परिसर में लगाया गया है।
Q2: इस कार्य को पूरा करने में मुख्य सहयोग किसका रहा?
Ans: इस कार्य को वेटरन्स एसोसिएशन के जिला महासचिव वीरेंद्र प्रताप यादव और लखनीपुर गांव के समस्त सम्मानित नागरिकों व समिति के सदस्यों के आपसी सहयोग से पूरा किया गया है।
Q3: इस पहल का क्या उद्देश्य था?
Ans: शिव मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराना इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य था।