उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और संगम नगरी में इन दिनों कुछ ऐसी महिलाओं के नाम चर्चा में हैं, जिनकी क्राइम कहानियाँ किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं। गोरखपुर से लेकर प्रयागराज तक, इन शातिर हसीनाओं ने रईसों, पुलिसवालों, डॉक्टरों और आम लोगों को अपने जाल में ऐसा फंसाया कि अच्छे-अच्छों के पसीने छूट गए। कोई व्हाट्सऐप कॉल पर न्यूड होकर वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करती थी, तो कोई लोन के नाम पर करोड़ों की चपत लगा रही थी। आइए जानते हैं यूपी की इन लेडी डॉननुमा ठगों की पूरी कुंडली।
अंशिका सिंह: बर्थडे पार्टी में पिस्टल बाजी से खुला ब्लैकमेलिंग का साम्राज्य
कहानी की शुरुआत होती है 20 जनवरी 2026 से। गोरखपुर के सिंघड़िया इलाके में अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा अपने दोस्तों के साथ एक मॉडल शॉप के पास जन्मदिन मना रही थी। इसी दौरान उसका एक प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर से विवाद हो गया। गुस्से में अंशिका ने मैनेजर पर पिस्तौल तान दी। छीना-झपटी के दौरान गोली मैनेजर के पेट में जा लगी, जिसके बाद भीड़ ने उसे दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
जब पुलिस ने अंशिका का मोबाइल खंगाला और उससे सख्ती से पूछताछ की, तो जो राज खुले, उसने पुलिसवालों के भी होश उड़ा दिए। अंशिका ने कबूला कि वह अपने शौक पूरे करने के लिए लोगों को फंसाती थी।
5 साल में 150 लोगों को बनाया शिकार, डीएसपी और एसएचओ भी शामिल
जांच में सामने आया कि अंशिका पिछले 5 वर्षों में करीब 150 लोगों को अपने जाल में फंसा चुकी थी। उसके मोबाइल से कई अश्लील वीडियो मिले। वह व्हाट्सऐप कॉल पर सामने वाले से बात करते-करते अचानक न्यूड हो जाती थी और उधर बैठे शख्स का वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद शुरू होता था असली खेल—ब्लैकमेलिंग और रंगदारी का सिलसिला। हैरान करने वाली बात यह है कि उसके इस शिकार बने लोगों में अयोध्या के एक डीएसपी और गीडा थाना प्रभारी समेत 15 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
अंशिका के 4 बड़े कारनामे
- देवरिया के युवक पर रेप का केस: साल 2021 में अंशिका ने देवरिया के राज विश्वकर्मा को फंसाया और दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराकर सुलह के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे।
- संतकबीरनगर में वसूली: सूरज सिंह और प्रियांशु सिंह जैसे युवकों को झूठे केस में फंसाकर हजारों रुपये वसूले। प्रियांशु ने तो मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत भी की थी।
- मकान मालकिन से रंगदारी: 2021 में संतकबीरनगर में किराए के मकान में रहने के दौरान जब मकान मालकिन ने बदनामी के चलते कमरा खाली करने को कहा, तो अंशिका ने 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
- किराये की थार लेकर फरार: सितंबर 2025 में दिल्ली से एक थार गाड़ी किराए पर ली और फर्जी नंबर प्लेट (हरियाणा, बिहार और गोरखपुर की कुल 4 प्लेटें) लगाकर घूमती रही। केस दर्ज होने पर वह अंडरग्राउंड हो गई।
अब बात ठग गरिमा सिंह की: लोन के जाल में डॉक्टरों और अफसरों को फंसाया
गोरखपुर में ही 13 अगस्त को ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे मेडिकल जगत को झकझोर कर रख दिया। 45 साल के डॉ. परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। उनकी जेब से मिले सुसाइड नोट में महिला ठग गरिमा सिंह का नाम था। गरिमा ने डॉक्टर से 1.40 करोड़ रुपये की ठगी की थी, जिससे वे भयंकर सदमे में थे।
रेलवे अधिकारी पिता और पीएचडी बेटी का सिंडिकेट
इस ठगी के खेल में गरिमा का साथ उसके रेलवे स्टेशन अधीक्षक पिता ध्रुव नारायण सिंह और पति भानु प्रताप सिंह देते थे। इन पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक, इनके खिलाफ अब तक 10 शिकायतें मिल चुकी हैं और 5 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
इनका ठगी का तरीका बेहद शातिर था:
- पहला तरीका: जिन्हें लोन की जरूरत होती थी, उन्हें यह गिरोह कहता था कि आप लोन ले लीजिए, किस्त हम भरेंगे। बैंक से मिले लोन का 10-20% हिस्सा पीड़ित को देकर बाकी रकम ये अपने खाते में ट्रांसफर करा लेते थे। कुछ महीने किस्त भरकर भरोसा जीतने के बाद ये गायब हो जाते थे।
- दूसरा तरीका: जो लोग पहले से कर्ज के दलदल में फंसे थे, उन्हें नए पर्सनल लोन के जाल में फंसाया जाता था। गोरखपुर जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह से इसी तरह 6 अलग-अलग बैंकों से 1.67 करोड़ रुपये का लोन पास करा लिया गया। गरिमा की एक पर्सनल डायरी भी मिली है जिसमें उसने लिखा था—'जल्द अरबपति बनूंगी'।
प्रयागराज की पल्लवी सिंह: डेटिंग ऐप से शिकार और पानी की टंकी पर हाई वोल्टेज ड्रामा
- इस फेहरिस्त में तीसरा बड़ा नाम प्रयागराज की पल्लवी सिंह राजपूत का है। पल्लवी डेटिंग ऐप के जरिए सीधे-साधे पुरुषों को अपने प्रेम जाल में फंसाती थी और फिर दुष्कर्म तथा छेड़छाड़ के फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर करोड़ों रुपये ऐंठती थी। पल्लवी खुद 14 मुकदमों में वांछित है और लखनऊ के विभूतिखंड व सुशांत गोल्फ सिटी थानों में कई लोगों को फर्जी मामलों में जेल भिजवा चुकी है।
- मई महीने में पल्लवी का एक अलग ही रूप देखने को मिला था जब फाफामऊ में एफआईआर दर्ज कराने के लिए वह पानी की टंकी पर ही चढ़ गई थी। तब एसीपी अरुण पाराशर ने बहुत मिन्नतें करके उसे नीचे उतारा था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: अंशिका सिंह लोगों को कैसे ब्लैकमेल करती थी?
- उत्तर: अंशिका व्हाट्सऐप कॉल के दौरान अचानक न्यूड होकर सामने वाले का वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी और फिर उन्हें झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलती थी।
Q2: गरिमा सिंह का ठगी करने का मुख्य तरीका क्या था?
- उत्तर: गरिमा और उसका गिरोह लोगों को लोन दिलाने का झांसा देता था और बैंक से लोन पास कराकर पूरी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेता था।
Q3: पल्लवी सिंह किस तरह के मामलों में शामिल है?
- उत्तर: पल्लवी डेटिंग ऐप के जरिए पुरुषों को फंसाती थी और फिर उन पर रेप व छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराकर ब्लैकमेल करती थी।