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बड़ी खबर: यूपी में प्रधानों के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने प्रशासक, चुनाव तक संभालेंगे कुर्सी

बड़ी खबर: यूपी में प्रधानों के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने प्रशासक, चुनाव तक संभालेंगे कुर्सी


UP Panchayat Chunav: उत्तर प्रदेश की सभी 75 जिला पंचायतों में अब 'प्रशासक' राज, योगी सरकार का बड़ा फैसला

👉लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों से ठीक पहले योगी सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णय लिया है। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्रधानों के बाद अब सभी 75 जिलों की जिला पंचायतों की कमान भी प्रशासकों (Administrators) के हाथ में सौंप दी गई है। सरकार ने साल 2021 में चुने गए निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को ही उनके संबंधित जिलों का प्रशासक नियुक्त कर दिया है।

उत्तर प्रदेश शासन के पंचायती राज अनुभाग-2 द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार, 2021 के सामान्य पंचायत चुनाव के बाद गठित जिला पंचायतों का 5 साल का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो गया था। इसी प्रशासनिक शून्यता को भरने के लिए 12 जुलाई 2026 से नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।

👉 योगी सरकार के आदेश की 3 बड़ी बातें

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत निम्नलिखित मुख्य बिंदु तय किए गए हैं:

  • ⚡पूर्व अध्यक्ष ही संभालेंगे प्रशासक का जिम्मा: जिला पंचायतों के साल 2026 के सामान्य निर्वाचन के बाद नई जिला पंचायतों के गठन और उनकी पहली बैठक होने तक (या अधिकतम 6 महीने की अवधि तक, जो भी पहले हो), निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ही प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।
  • ⚡क्या है कानूनी आधार?: यह बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-20 की उपधारा 3-क के तहत लिया गया है। इस कानून के तहत यदि किन्हीं अपरिहार्य कारणों से समय पर चुनाव नहीं हो पाते हैं, तो राज्य सरकार को प्रशासक नियुक्त करने का अधिकार है।
  • ⚡सीमित रहेंगे अधिकार, नहीं होंगे नीतिगत फैसले: प्रशासक के रूप में कार्यभार संभालने वाले पूर्व अध्यक्षों के अधिकार बेहद सीमित होंगे। वे केवल सामान्य और रूटीन प्रशासनिक कार्यों का ही संचालन कर सकेंगे। वे कोई भी बड़ा नीतिगत (Policy) निर्णय नहीं ले पाएंगे। आपात स्थिति या किसी अति-आवश्यक नीतिगत प्रस्ताव को संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

👉 क्यों लिया गया यह फैसला?

शासन के मुताबिक, वर्तमान जिला पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद और नए चुनावों के संपन्न होने के बीच कोई प्रशासनिक खालीपन (Administrative Vacuum) न रहे, इसलिए यह अंतरिम व्यवस्था की गई है। इसके लिए सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट/जिलाधिकारी (DM) को निवर्तमान अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में नामित करने के लिए अधिकृत किया गया है।

अब आगे क्या?

इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला पंचायतों का कामकाज अब प्रशासक बने निवर्तमान अध्यक्ष ही देखेंगे। यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि राज्य में नए पंचायत चुनाव संपन्न होकर नई जिला पंचायतों का गठन नहीं हो जाता

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