विंध्य एक्सप्रेस वे धान के कटोरे को उजाड़ने की तैयारी चंदौली में कल से किसानों का अनिश्चितकालीन धरना आर पार की जंग का ऐलान
चंदौली (उत्तर प्रदेश) | 12 जुलाई 2026
रिपोर्ट: मणि देव चतुर्वेदी (मंडल प्रवक्ता, वाराणसी मंडल, भाकियू टिकैत)👉 www.purvsainik.com
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के खिलाफ चंदौली के किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। सरकार द्वारा जिले के करीब 50 गांवों की उपजाऊ भूमि अधिग्रहित करने की प्रक्रिया के विरोध में कल (13 जुलाई) से बिछियां धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होने जा रहा है। किसानों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन खत्म नहीं होगा।
👉 संकट में लघु-सीमांत किसान: छिन जाएगी आजीविका
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी ने इस संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
"चंदौली जिला देश के आकांक्षी जिलों में शामिल होने के साथ-साथ 'धान का कटोरा' भी कहलाता है। यहाँ के 80 प्रतिशत परिवारों की पूरी जिंदगी और आजीविका खेती पर टिकी है। जिन किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं, वे लघु और सीमांत वर्ग के हैं, जिनके पास औसतन महज 1 से 2 बीघा जमीन है। अगर यह भी छिन गई, तो इन परिवारों के सामने भुखमरी और जीवन यापन का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।"
⚡ बाढ़ का खतरा: अभिशाप बनेगी यह परियोजना!
नेताओं का आरोप है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण इस पूरे क्षेत्र के लिए एक प्राकृतिक आपदा साबित होगा। चंदौली का यह इलाका निचला (Low-lying) क्षेत्र है, जहाँ से कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गड़इ नदी गुजरती हैं। यदि यहाँ कंक्रीट का एक्सप्रेस-वे खड़ा किया गया, तो प्राकृतिक जल निकासी पूरी तरह बाधित हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप पूरा इलाका जलमग्न हो जाएगा और हर साल भीषण बाढ़ की स्थिति पैदा होगी, जिससे बची-खुची फसलें भी तबाह हो जाएंगी।
किसान संघर्ष मोर्चा एक्सप्रेस-वे' का गठन
इस तानाशाही और विनाशकारी परियोजना के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए प्रभावित गांवों के किसानों ने एक महाबैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से 'किसान संघर्ष मोर्चा एक्सप्रेस-वे, चंदौली' का गठन किया गया, जो इस आंदोलन की कमान संभालेगा।
आंदोलन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोर्चे की नई कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई, जो इस प्रकार है:
- कौआर्डिनेटर (समन्वयक): मणि देव चतुर्वेदी (मंडल प्रवक्ता, भाकियू टिकैत)
- अध्यक्ष: भगत चौहान
- उपाध्यक्ष: राम लक्षण
- महामंत्री: पोलावान
- संगठन मंत्री: शमशेर
- प्रवक्ता: राम बिलाश
- कोषाध्यक्ष: त्रिलोकी
- मीडिया प्रभारी: अरविंद
- मार्गदर्शक: फौजदार चौहान
इस बैठक में भाकियू टिकैत के जिला अध्यक्ष सतीश सिंह चौहान, चंदौली के ब्लॉक अध्यक्ष प्रभाकर मौर्या और जिउत सहित सैकड़ों किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
👉 किसानों की मुख्य मांगें:
नवगठित मोर्चे और भाकियू टिकैत ने सरकार के सामने स्पष्ट रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- परियोजना की वापसी: विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
- वैकल्पिक मार्ग पर विचार: उपजाऊ कृषि भूमि को बचाने के लिए सरकार किसी अन्य बंजर या वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार करे।
- अधिग्रहण पर रोक: भूमि अधिग्रहण के लिए चल रही तमाम प्रशासनिक कार्यवाहियों को तुरंत स्थगित किया जाए।
- जनसुनवाई हो: प्रभावित होने वाले सभी पीड़ित किसानों के साथ प्रशासन खुली जनसुनवाई (Public Hearing) करे।
👉अंतिम संदेश: किसानों ने साफ और कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अपनी जान दे देंगे, लेकिन अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन को किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। कल से शुरू हो रहा अनिश्चितकालीन धरना इसी संकल्प का पहला कदम है।