कल्पना कीजिए कि आपकी ट्रेन दो घंटे लेट है, और आप प्लेटफॉर्म पर बोर होने के बजाय किसी चमचमाते मॉल में ब्रांडेड कपड़ों की शॉपिंग कर रहे हैं, बच्चे गेमिंग जोन में मस्ती कर रहे हैं और आप फूड कोर्ट में अपने पसंदीदा स्नैक्स का आनंद ले रहे हैं! यह किसी मेट्रो शहर के किसी बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का दृश्य नहीं, बल्कि बहुत जल्द आपके प्रयागराज जंक्शन की नई पहचान बनने जा रहा है।
ट्रेन का इंतजार अब बोरिंग नहीं, एंटरटेनिंग होगा
उत्तर मध्य रेलवे (NCR) प्रयागराज जंक्शन को केवल ट्रेनों के आवागमन का जरिया नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए एक अत्याधुनिक 'सिटी सेंटर' के रूप में विकसित कर रहा है। रेलवे ने इसके लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर आवंटित कर दिया है। 960 करोड़ रुपये के विशाल बजट से पुनर्विकसित हो रहे इस जंक्शन पर यात्रियों को एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
"यह प्रोजेक्ट भारतीय रेल के इतिहास में किसी भी स्टेशन से हुआ अब तक का सबसे बड़ा वाणिज्यिक समझौता है। ई-नीलामी के जरिए रेलवे को 15 साल की लीज पर 64.06 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।" - डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ (उत्तर मध्य रेलवे)
प्रयागराज जंक्शन पर मिलने वाली प्रीमियम सुविधाएं
प्रयागराज जंक्शन का यह नया कमर्शियल ढांचा यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है:
- मल्टीप्लेक्स व शॉपिंग मॉल: नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स के रिटेल आउटलेट्स।
- ग्लोबल फूड कोर्ट: देश-विदेश के लोकप्रिय फूड ब्रांड्स के जायकेदार व्यंजन।
- किड्स फन पार्क व टर्फ स्पोर्ट्स: बच्चों और युवाओं के लिए गेमिंग जोन और इनडोर स्पोर्ट्स।
- स्मार्ट अंडरग्राउंड पार्किंग: पूरी तरह डिजिटल सेंसर-बेस्ड पार्किंग, जहां ऑटोमैटिक बैरियर खुलेंगे और लिफ्ट के जरिए यात्री सीधे शॉपिंग एरिया या प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे।
सिविल लाइंस को मिलेगा नया हैंगआउट जोन
यह पहल सिर्फ रेल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगी। प्रयागराज के स्थानीय निवासियों, विशेषकर सिविल लाइंस इलाके के पास रहने वालों के लिए यह एक नया पसंदीदा 'हैंगआउट स्पॉट' बन जाएगा। अब वीकेंड पर फैमिली के साथ समय बिताना हो या फिर खरीदारी करनी हो, प्रयागराज जंक्शन एक परफेक्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. प्रयागराज जंक्शन पर कमर्शियल लीज से रेलवे को कितना फायदा हुआ है?
रेलवे को 15 साल की लीज अवधि के लिए ई-नीलामी के माध्यम से 64.06 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा, जो भारतीय रेलवे के इतिहास में एक रिकॉर्ड है।
2. क्या स्थानीय नागरिक भी इस मॉल और फूड कोर्ट का इस्तेमाल कर सकेंगे?
हां, यह सिटी सेंटर रेल यात्रियों के साथ-साथ प्रयागराज के आम नागरिकों के लिए भी पूरी तरह खुला रहेगा।
3. पार्किंग व्यवस्था में क्या खास होगा?
स्टेशन पर अत्याधुनिक ऑटोमैटिक और डिजिटल कंट्रोल वाली अंडरग्राउंड बेसमेंट पार्किंग बनेगी, जो लिफ्ट के जरिए सीधे मॉल और प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी।