हिंद महासागर में रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में भारत ने एक और बड़ा कदम उठाया है। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन (Admiral Krishna Swaminathan) ने सोमवार से मॉरीशस की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू कर दी है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को गहराई देना और रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयां प्रदान करना है।
रणनीतिक रूप से क्यों अहम है मॉरीशस?
दक्षिण-पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित मॉरीशस का भौगोलिक स्थान बेहद महत्वपूर्ण है। यह अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया को जोड़ने वाले प्रमुख समुद्री मार्गों के बिल्कुल करीब है। यही वजह है कि भारत इस द्वीपीय देश के साथ अपने संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इस यात्रा के दौरान एडमिरल स्वामीनाथन मॉरीशस सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
किन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा?
भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री साझेदारी का इतिहास काफी पुराना और मजबूत रहा है। दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- संयुक्त गश्त: भारतीय नौसेना और मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड मिलकर एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) की निगरानी करते हैं।
- हाइड्रोोग्राफिक सर्वे: समुद्र तल के मानचित्रण और सुरक्षा के लिए नियमित सर्वे किए जाते हैं।
- बहुपक्षीय मंच: मॉरीशस 'इंडियन ओशन नवल सिंपोजियम', MILAN और 'गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव' जैसे भारतीय पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेता है।
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक का आदान-प्रदान
भारत ने हमेशा से मॉरीशस की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने में मदद की है। भारत ने मॉरीशस को पेट्रोलिंग वेसल, हेलीकॉप्टर, विमान और फास्ट इंटरसेप्टर नौकाएं मुहैया कराई हैं। इसके अलावा, भारत की मदद से मॉरीशस में 'कोस्टल सर्विलांस रडार सिस्टम' (Coastal Surveillance Radar System) स्थापित किया गया है, जो द्वीप के आसपास की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखता है।
"भारत और मॉरीशस के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान (White-Shipping Information) और नेशनल मैरीटाइम इंफॉर्मेशन शेयरिंग सेंटर की स्थापना की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।"
इस यात्रा के क्या होंगे दूरगामी परिणाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि नौसेना प्रमुख का यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में चीन के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करने के लिए बेहद अहम है। रक्षा उपकरणों के रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति और ट्रेनिंग एक्सचेंजेस के जरिए मॉरीशस की ऑपरेशनल क्षमता में लगातार सुधार हो रहा है। यह यात्रा न केवल दोनों देशों की दोस्ती को प्रगाढ़ करेगी, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन के मॉरीशस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A1: इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय समुद्री सहयोग, रक्षा संबंधों और समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करना है।
Q2: हिंद महासागर में मॉरीशस का क्या रणनीतिक महत्व है?
A2: मॉरीशस दक्षिण-पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित है और अफ्रीका, मध्य पूर्व तथा एशिया को जोड़ने वाले प्रमुख समुद्री मार्गों के बेहद करीब है, जो इसे सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है।
Q3: भारत किस तरह से मॉरीशस की नौसेना की मदद करता है?
A3: भारत ने मॉरीशस को गश्ती नौकाएं, हेलीकॉप्टर, रडार सिस्टम और विमान उपलब्ध कराए हैं, साथ ही कोस्ट गार्ड के प्रशिक्षण और समुद्री डोमेन अवेयरनेस में भी सहयोग करता है।