यूपी पुलिस की बड़ी कामयाबी: गाजीपुर में मुठभेड़ के बाद इनामी बदमाश गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक कुख्यात अपराधी का अंत आखिरकार पुलिस की गोलियों से हुआ। गाजीपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। यह अपराधी न केवल कई संगीन वारदातों में शामिल था, बल्कि बच्चों के अपहरण जैसे घिनौने अपराधों में भी वांछित था।
मुठभेड़ की पूरी कहानी: कैसे बिछाया गया जाल?
घटनाक्रम के अनुसार, सैदपुर पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि 50 हजार का इनामी बदमाश संजय बिंद उर्फ बुझारत सादात की ओर से गाजीपुर की तरफ आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम पूरी तरह सतर्क हो गई और अहिरौली गांव के पास नाकेबंदी कर दी गई।
पुलिस ने जब संदिग्धों की जांच शुरू की, तो बाइक सवार संजय बिंद वहां से गुजरता हुआ दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा किए जाने पर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से उसकी बाइक फिसल गई और वह गिर गया।
पुलिस टीम पर की ताबड़तोड़ फायरिंग
गिरने के बाद जब अपराधी ने खुद को पुलिस के घेरे में देखा, तो उसने कानून के प्रति कोई सम्मान दिखाने के बजाय पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब 5 से 6 राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस ने धैर्य और बहादुरी का परिचय देते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में गोली सीधे बदमाश के दोनों पैरों में लगी, जिससे वह वहीं ढेर हो गया और पुलिस ने उसे तुरंत काबू कर लिया।
कौन है संजय बिंद? अपराधों की लंबी फेहरिस्त
सैदपुर क्षेत्राधिकारी (CO) शुभम वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पकड़ा गया आरोपी संजय बिंद मूल रूप से मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र का रहने वाला है और उसकी उम्र 38 वर्ष है। उसके आपराधिक इतिहास पर नजर डालें तो पुलिस के होश उड़ जाते हैं:
- बच्चों का अपहरण: आरोपी नाबालिग बच्चों के अपहरण के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था।
- कुल मुकदमे: संजय बिंद के खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में 14 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
- बरामदगी: पुलिस ने उसके पास से .315 बोर का तमंचा, कारतूस, एक बाइक और नकद राशि बरामद की है।
अस्पताल में चल रहा इलाज
मुठभेड़ के तुरंत बाद, घायल संजय बिंद को सैदपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल से छुट्टी मिलते ही उसे सीधे जेल भेजा जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत उसे सख्त सजा दिलाने के लिए चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
पुलिस की सतर्कता से राहत की सांस
स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय बिंद जैसे अपराधियों के सक्रिय होने से इलाके में डर का माहौल था। बच्चों के अपहरण के मामले में उसके नाम आने के बाद से ही अभिभावकों में चिंता थी। अब उसकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की चहुंओर सराहना हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. गाजीपुर में पकड़े गए बदमाश पर कितना इनाम था?
उत्तर: पकड़े गए इनामी बदमाश संजय बिंद पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 50,000 रुपये का इनाम घोषित था।
2. आरोपी किस अपराध के लिए वांछित था?
उत्तर: आरोपी मुख्य रूप से नाबालिग बच्चों के अपहरण के मामले में वांछित था, इसके अलावा उस पर चोरी और एनडीपीएस एक्ट के भी मुकदमे हैं।
3. मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने क्या बरामद किया?
उत्तर: पुलिस ने आरोपी के पास से .315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस, एक बाइक और कुछ नकद राशि बरामद की है।