जिंदगी और मौत के बीच का वह फैसला सिर्फ कुछ सेकेंड का था, लेकिन उसने हंसते-खेलते एक पूरे परिवार को पल भर में हमेशा के लिए खामोश कर दिया। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले से एक ऐसा हृदय विदारक मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप उठेगा। पहाड़ के किनारे खड़े अपने जिगर के टुकड़े को बचाने की जिद में एक पिता ने अपनी जान दांव पर लगा दी और जब पति व बेटे दोनों खाई में समा गए, तो सदमे में डूबी मां ने भी मौत को गले लगा लिया।
क्या है पूरा मामला? तिसगांव के खवड्या डोंगर की घटना
यह दर्दनाक घटना शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव स्थित खवड्या डोंगर पर घटी। यहां एक 18 वर्षीय युवक अचानक पहाड़ी के सबसे खतरनाक और आखिरी छोर पर जाकर खड़ा हो गया। युवक की पहचान कुणाल चांदवडे के रूप में हुई है। पहाड़ी की ऊंचाई और ढलान इतनी खतरनाक थी कि वहां खड़े होने भर से किसी की भी सांसें थम जाएं।
जब परिजनों को इस बात की भनक लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में परिवार के लोग, स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
तीन घंटे तक चला मानमनौव्वल का दौर
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, कुणाल लगातार अपनी जगह बदल रहा था और बेहद खतरनाक स्थिति में था। उसकी मां लगातार उससे बात कर रही थीं और उसे सुरक्षित नीचे आने के लिए मिन्नतें कर रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने भी सूझबूझ दिखाते हुए उसे समझाने की भरपूर कोशिश की।
यह हाई-वोल्टेज ड्रामा और जान की बाजी लगाने वाला खेल करीब तीन घंटे तक चलता रहा। इस दौरान कुणाल कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दिया कि उसके पास अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। मां की आंखें आंसुओं से नम थीं और वह बार-बार अपने बेटे को यह समझा रही थीं कि दुनिया में हर समस्या का समाधान है, जिंदगी खत्म करना नहीं। लेकिन कुणाल के मन में क्या चल रहा था, यह शायद कोई नहीं समझ पाया।
जब पिता ने बढ़ाई आगे कदम और हो गया अनर्थ
शुरुआत में कुणाल के पिता मुरलीधर चांदवडे पहाड़ी के नीचे की तरफ थे, जबकि मां ऊपर बेटे से लगातार संवाद बनाए हुए थीं। हादसे से बमुश्किल 15 से 20 मिनट पहले ही पिता भी किसी तरह पहाड़ी के ऊपर पहुंच गए। परिजनों और वहां मौजूद लोगों को लगा कि अब पिता के आ जाने से कुणाल संभल जाएगा और सुरक्षित नीचे आ जाएगा।
लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही पिता कुणाल को समझाने और उसे सुरक्षित जगह पर खींचने के लिए आगे बढ़े, अचानक कुणाल ने और आगे की तरफ कदम बढ़ाए। उसे बचाने की हड़बड़ाहट और खींचतान में पिता का संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, पिता और पुत्र दोनों का पैर फिसला और वे गहरी खाई में जा गिरे।
मां का खौफनाक कदम: पति और बेटे को गिरते देख लगाई छलांग
अपनी खुली आंखों के सामने पति और बेटे को मौत के आगोश यानी गहरी खाई में गिरते देखना किसी भी मां के लिए असहनीय था। संगीता चांदवडे इस भयंकर सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाईं। उनके पैरों के नीचे की जमीन खिसक चुकी थी। परिवार के दोनों चिरागों और पति को एक ही झटके में खाई में समाते देख, संगीता ने बिना एक पल गंवाए उसी गहरी खाई में छलांग लगा दी।
पहाड़ी की अत्यधिक ऊंचाई और गहराई के कारण तीनों को गंभीर चोटें आईं। मौके पर ही कुणाल, उसके पिता मुरलीधर और मां संगीता तीनों की मौत हो गई। इस एक ही झटके में एक परिवार पूरी तरह से खत्म हो गया।
पुलिस जांच और पूरे इलाके में छाया मातम
घटना की सूचना मिलते ही तिसगांव थाने के पुलिस निरीक्षक रामेश्वर गाढे पाटील अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और बचाव दल ने ग्रामीणों की मदद से तीनों शवों को खाई से बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
शुरुआती सुरागों और चर्चाओं के आधार पर अंदेशा जताया जा रहा है कि युवक किसी मानसिक तनाव या गहरी निराशा से जूझ रहा था, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर किन परिस्थितियों में कुणाल उस पहाड़ की चोटी तक पहुंचा और उसने ऐसा खौफनाक कदम उठाने का मन क्यों बनाया था।
खवड्या डोंगर की इस घटना ने सिर्फ एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र और देश को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं और कह रहे हैं कि माता-पिता का प्यार हर सीमा को पार कर जाता है, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न चुकानी पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: यह दर्दनाक हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के तिसगांव स्थित खवड्या डोंगर पर शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे के आसपास हुआ।
Q2: हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के तीनों सदस्यों के नाम क्या हैं?
मृतकों की पहचान 18 वर्षीय कुणाल चांदवडे, उसके पिता मुरलीधर चांदवडे और मां संगीता चांदवडे के रूप में हुई है।
Q3: मां संगीता ने खाई में छलांग क्यों लगाई?
जब पिता अपने बेटे कुणाल को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तभी संतुलन बिगड़ने से दोनों गहरी खाई में गिर गए। अपनी आंखों के सामने पति और बेटे को गिरते देख सदमे में आई मां ने भी उसी खाई में छलांग लगा दी, जिससे तीनों की मौत हो गई।