देश सेवा से समाज सेवा: क्राफ्ट्समैन राजेश्वर सिंह की अदम्य निष्ठा की कहानी
भारतीय सेना केवल एक बल नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और निस्वार्थ सेवा का पर्याय है। जब कोई सैनिक वर्दी पहनता है, तो उसका हर क्षण देश को समर्पित होता है। ऐसी ही एक मिसाल हैं 📡⛰️256 फील्ड वर्कशॉप कंपनी (EME) के पूर्व सैनिक शिल्पकार (क्राफ्ट्समैन) राजेश्वर सिंह।
सेना में अपनी अद्वितीय तकनीकी दक्षता और समर्पण के लिए सम्मानित होने से लेकर सेवानिवृत्ति के बाद युवाओं को सही दिशा दिखाने तक, उनका जीवन हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा है।
⚔️72वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड द्वारा 'सम्मान पत्र' से सम्मानित
भारतीय सेना में वाहनों और तकनीकी उपकरणों का सुचारू रूप से कार्य करना अभियानों की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। क्राफ्ट्समैन राजेश्वर सिंह (नं. 14599363H) ने 256 फील्ड वर्कशॉप कंपनी (EME) में सेवा देते हुए उच्च गुणवत्ता वाली वाहन मरम्मत और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठता का परिचय दिया।
उनकी इसी असाधारण कार्यकुशलता और समर्पण को पहचानते हुए 72वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड ने उन्हें विशेष सम्मान पत्र (Commendation) से नवाजा।
दस्तावेज़ मुख्य बिंदु:
- प्राप्तकर्ता: शिल्पकार राजेश्वर सिंह (नंबर: 14599363H)
- यूनिट: 256 फील्ड वर्कशॉप कंपनी (ईएमई)
- प्रदानकर्ता प्राधिकरण: 72वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड (हस्ताक्षरकर्ता: ब्रिगेडियर कमांडर एस. पी. तनवर)
- प्रकाशन तिथि: 27 अक्टूबर 2003
- स्थान: c/o 56 APO
🪖सेना से सेवानिवृत्ति और समाज सेवा का संकल्प
29 फरवरी 2004 को भारतीय सेना से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त होने के बाद राजेश्वर सिंह जी ने विश्राम करने के बजाय अपने जीवन का नया अध्याय शुरू किया—समाज सेवा और युवा सशक्तीकरण।
सेना के अनुशासन और देशभक्ति के जज्बे को उन्होंने समाज में फैलाने का संकल्प लिया। वे भली-भांति जानते हैं कि देश का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है, और युवाओं को नशे व भटकाव से बचाकर देश सेवा से जोड़ना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।
🎤युवाओं में देशप्रेम का संचार: खेलकूद और सांस्कृतिक आयोजन
अपने क्षेत्र और प्रदेश के युवाओं में भारतीय सेना के प्रति जोश भरने और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राजेश्वर सिंह जी लगातार प्रयासरत हैं। वे विभिन्न स्तरों पर खेलकूद प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन करते आ रहे हैं:
- जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं: स्थानीय प्रतिभाओं को तराशने के लिए।
- प्रदेश स्तरीय खेलकूद: राज्य स्तर पर युवाओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना बढ़ाने के लिए।
- राष्ट्रीय (देश) स्तरीय आयोजन: देश भर के युवाओं को एक मंच पर लाकर एकजुटता का संदेश देने के लिए।
इन आयोजनों की सफलता और राजेश्वर सिंह जी के इस निस्वार्थ प्रयास का ही परिणाम है कि राज्य के माननीय मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का भी इन कार्यक्रमों में निरंतर मार्गदर्शन और पूर्ण सहयोग प्राप्त होता रहता है।
🪖एक सच्चा सैनिक कभी रिटायर नहीं होता
शिल्पकार राजेश्वर सिंह जी की यह जीवन-यात्रा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि एक सैनिक कभी अपनी जिम्मेदारी से सेवानिवृत्त नहीं होता। बॉर्डर पर देश की सुरक्षा से लेकर समाज में देशभक्ति की अलख जगाने तक, उनका योगदान अनुकरणीय है।
हम उनके इस जज्बे, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को नमन करते हैं!