उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बेहद झकझोर देने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी दरिंदे ने महज 18 महीने की एक मासूम बच्ची को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया। आरोपी ने बच्ची को टॉफी दिलाने का लालच दिया और उसे सुनसान जगह पर ले जाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और आम जनता में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
टॉफी का झांसा देकर दिया वारदात को अंजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना चंदौली के एक स्थानीय इलाके की है जहाँ डेढ़ साल की मासूम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी ने बच्ची की मासूमियत का फायदा उठाया और उसे टॉफी देने का लालच देकर अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया। बच्ची अभी इतनी छोटी है कि वह बोल भी नहीं सकती और दुनिया की इस भीषण क्रूरता से पूरी तरह अनजान थी।
जब काफी देर तक बच्ची अपने घर वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कुछ ही देर में जब बच्ची रोते हुए बदहवास हालत में मिली, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची की हालत देखकर परिवार वालों के होश उड़ गए और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई, साथ ही आसपास के लोगों को इकट्ठा किया गया।गुस्साई भीड़ का फूटा गुस्सा, आरोपी की धुनाई
घटना की खबर जैसे ही इलाके में आग की तरह फैली, स्थानीय लोगों का खून खौल उठा। भारी संख्या में इकठ्ठा हुई आक्रोशित भीड़ ने आरोपी को ढूंढ निकाला और उसकी जमकर पिटाई कर डाली। जनता का गुस्सा इतना सातवें आसमान पर था कि लोग मौके पर ही उसे अपने हिसाब से सजा देने पर उतारू हो गए थे।
हालांकि, समझदारी दिखाते हुए कुछ स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इस मामले की सूचना दी और कानून अपने हाथ में न लेते हुए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ के चंगुल से आरोपी को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे हिरासत में ले लिया है।पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बच्ची को तुरंत चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) और बेहतर इलाज के लिए नजदीकी जिला अस्पताल भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और साक्ष्यों को संकलित किया जा रहा है ताकि कोर्ट में मजबूत चार्जशीट दाखिल कर जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जा सके।
समाज के लिए गंभीर सवाल और सुरक्षा पर चिंता
इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर समाज की सुरक्षा व्यवस्था और नैतिक पतन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब 18 महीने की एक दूधमुंही बच्ची भी सुरक्षित नहीं है, तो यह माता-पिता और पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोग इस घटना के बाद से दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं।
