क्या किसी फिल्म में काम करना किसी कलाकार के लिए इतना खतरनाक हो सकता है कि उसे जान से मारने की धमकियां मिलने लगें? यह सवाल इन दिनों बॉलीवुड के मंझे हुए अभिनेता विक्रांत मैसी से जुड़ा हुआ है। अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाने वाले विक्रांत हाल ही में एक ऐसी आंधी के बीच घिर गए, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की थी। मौका था शेखर सुमन के मशहूर टॉक शो का, जहां अभिनेता ने अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' को लेकर खुलकर दिल की बात रखी।
इस बातचीत के दौरान विक्रांत ने न सिर्फ फिल्म से जुड़े विवादों पर बात की, बल्कि उन डरावने पलों को भी साझा किया जब उनका पर्सनल डेटा सार्वजनिक कर दिया गया था। आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद के पीछे की सच्चाई क्या है और विक्रांत ने क्या-क्या खुलासे किए हैं।
जब सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विरोध का बवंडर
धार्मिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर आधारित फिल्मों का विरोध होना भारतीय सिनेमा के लिए नया नहीं है। जब 'द साबरमती रिपोर्ट' का ऐलान हुआ और इसका टीज़र-ट्रेलर सामने आया, तभी से सोशल मीडिया का एक वर्ग इसके खिलाफ हो गया था। फिल्म की कहानी साल 2002 की गोधरा ट्रेन की घटना पर आधारित है।
जैसे ही फिल्म सिनेमाघरों में आई, बहस छिड़ गई। एक तरफ जहां कुछ दर्शकों ने इसे ऐतिहासिक सच को सामने लाने का माध्यम बताया, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। लेकिन इस विरोध की आग तब और भड़क गई जब फिल्म के मुख्य अभिनेता विक्रांत मैसी इसके केंद्र में आ गए।
'मेरा व्हाट्सएप नंबर और गाड़ी की डिटेल कर दी गई लीक'
शेखर सुमन के शो में बात करते हुए विक्रांत मैसी ने उस खौफनाक अनुभव का जिक्र किया जो उन्हें फिल्म रिलीज होने के बाद झेलना पड़ा था। अभिनेता ने बताया कि उनके लिए यह दौर बेहद मानसिक तनाव भरा था।
"फिल्म आने के बाद स्थितियां अचानक बहुत बदल गईं। मुझे लगातार धमकियां मिल रही थीं। हद तो तब हो गई जब मेरा पर्सनल व्हाट्सएप नंबर इंटरनेट पर लीक कर दिया गया। इतना ही नहीं, मेरी गाड़ी का नंबर और उसकी डिटेल्स भी पब्लिक डोमेन में डाल दी गईं ताकि लोग मुझ तक आसानी से पहुंच सकें।"
— विक्रांत मैसी (शेखर सुमन शो के दौरान)
विक्रांत ने बताया कि इन हरकतों ने न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके परिवार को भी गहरी चिंता में डाल दिया था। एक कलाकार के रूप में वह केवल अपना काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर निशाना बनाया गया।
सोशल मीडिया यूजर्स के तीखे सवाल: 'बीजेपी आईटी सेल के मेंबर हो क्या?'
सिर्फ धमकियां ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का भी भारी सामना करना पड़ा। फिल्म की रिलीज के बाद कई यूजर्स ने उन पर पक्षपातपूर्ण होने का आरोप लगाया। इंटरनेट पर उन्हें लेकर मीम्स और तीखे कमेंट्स की बाढ़ आ गई थी।
एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "विक्रांत, क्या आप अब बीजेपी आईटी सेल के नए मेंबर बन गए हैं? ऐसी फिल्में चुनना आपकी वैचारिक बदलाव की तरफ इशारा करता है।" वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, "कलाकार की कोई पार्टी नहीं होती, लेकिन आपकी इस फिल्म ने फैंस को निराश किया है।"
हालांकि, इन सबके बीच विक्रांत के चाहने वाले (फैन बेस) उनके समर्थन में भी खड़े नजर आए। फैंस का एक बड़ा वर्ग यह कह रहा है कि एक अभिनेता को स्क्रिप्ट पसंद आने पर किसी भी विषय पर काम करने की पूरी आजादी होनी चाहिए, और इसके लिए उसे व्यक्तिगत रूप से प्रताड़ित करना गलत है।
फिल्म और उसकी सच्चाई: क्या कहते हैं आंकड़े
'द साबरमती रिपोर्ट' में विक्रांत मैसी के अलावा राशि खन्ना और रिधि डोगरा ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस पर खूब सियासत गरमाई। कई राज्यों में इसे टैक्स फ्री किया गया, तो कई जगहों पर इसके प्रदर्शन को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए।
विक्रांत का रुख: 'मैं सिर्फ एक एक्टर हूं'
विवादों के बीच विक्रांत मैसी ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि वह राजनीति से दूर रहना पसंद करते हैं। उनका काम सिर्फ एक कहानी को पर्दे पर उतारना है, जिसे निर्देशक और निर्माता ने उन तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि कलाकारों को उनके काम के आधार पर परखा जाना चाहिए, न कि उनके द्वारा चुने गए किरदारों या कहानियों के आधार पर उन्हें राजनीतिक खेमों में बांट देना चाहिए।
निष्कर्ष
विक्रांत मैसी का यह बयान एक बार फिर यह बहस छेड़ता है कि क्या आज के समय में सिनेमा और कलाकारों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता खतरे में है? एक तरफ जहां दर्शक अपनी पसंद और नापसंद व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं, वहीं किसी कलाकार के निजी नंबर लीक करना और उसे धमकियां देना कानून और नैतिकता दोनों के दायरे से बाहर है। आने वाले समय में देखना यह होगा कि बॉलीवुड के बाकी सितारे इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
अक्सर पूछे جانے वाले सवाल (FAQs)
1. 'द साबरमती रिपोर्ट' किस घटना पर आधारित है?
यह फिल्म साल 2002 में गुजरात के गोधरा स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस में हुई दर्दनाक घटना और उसके बाद की परिस्थितियों पर आधारित है।
2. विक्रांत मैसी को क्यों मिल रही थीं धमकियां?
फिल्म की संवेदनशीलता और राजनीतिक रूप से जुड़े होने के कारण, सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने विक्रांत मैसी को निशाना बनाया और उन्हें धमकियां दीं, जिसके तहत उनका पर्सनल व्हाट्सएप नंबर भी लीक कर दिया गया था।
3. शेखर सुमन के शो में विक्रांत ने क्या खुलासा किया?
विक्रांत ने शो में बताया कि फिल्म रिलीज होने के बाद उन्हें किस तरह मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और उनकी निजी जानकारियां जैसे गाड़ी का नंबर और फोन नंबर सार्वजनिक कर दिए गए थे।