श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर एक्शन मोड में आ चुके हैं। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की रेस में बने रहने के लिए यह दौरा बेहद अहम है। यही वजह है कि गंभीर ने खिलाड़ियों को अपनी सीमाएं लांघने और हर चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार रहने की सख्त हिदायत दी है।
'हर सीमा लांघनी होगी, बहानेबाजी नहीं चलेगी'
BCCI द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में गंभीर ने टीम की क्लास लेते हुए अपनी रणनीति साफ कर दी। उन्होंने कहा, "हमें पता है कि हमारे सामने क्या चुनौती है और हम किस मकसद के लिए मैदान पर उतर रहे हैं। हमें अपनी पूरी ताकत झोंकनी होगी, अपनी सीमाओं को पुश करना होगा और हर एक छोटी से छोटी चीज पर काम करना होगा।"
गंभीर ने आगे कहा कि 15 अगस्त की सुबह चाहे हमें पहले बल्लेबाजी करनी पड़े या गेंदबाजी, हमारे पास विरोधी टीम के हर सवाल का करारा जवाब होना चाहिए।
नए चेहरों पर जताया भरोसा
इस टेस्ट सीरीज के लिए युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्रॉफी जिताने में 60 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी और मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सरांंश जैन को पहली बार टेस्ट टीम में जगह मिली है।
गंभीर ने इन नए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा, "सारांश और आकिब, आप दोनों ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है। जब भी आपको मौका मिले, अपने देश और परिवार का नाम रोशन करें।"
WTC पॉइंट्स टेबल का क्या है समीकरण?
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की रैंकिंग में भारतीय टीम फिलहाल 48.15% अंकों के साथ पांचवें स्थान पर खिसक गई है। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश इस समय भारत से आगे हैं। पिछले साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली घरेलू हार के बाद भारत के लिए श्रीलंका के खिलाफ 2-0 से जीत हासिल करना बेहद जरूरी हो गया है ताकि वे ओवल में होने वाले फाइनल का टिकट पक्का कर सकें।
सीरीज का पूरा शेड्यूल और भारतीय स्क्वॉड
इस दौरे का पहला टेस्ट मुकाबला 15 से 19 अगस्त के बीच गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा मुकाबला 23 से 27 अगस्त के बीच कोलंबो में आयोजित होगा।
भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी।