देश के सबसे चर्चा में रहने वाले चैरिटेबल ट्रस्ट्स में से एक 'पीएम केयर्स फंड' (PM CARES Fund) को लेकर एक बार फिर बड़े आंकड़े सामने आए हैं। इस फंड के लेटेस्ट ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट से पता चलता है कि एक साल के भीतर इसके बैंक बैलेंस में जबरदस्त इजाफा हुआ है। हालांकि, यह जानकारी फाइनेंशियल ईयर खत्म होने के काफी लंबे समय बाद सार्वजनिक की गई है, जिस पर अब वित्तीय विशेषज्ञों और एक्टिविस्ट्स की तरफ से सवाल भी उठाए जाने लगे हैं। आइए इस रिपोर्ट के जरिए जानते हैं कि पीएम केयर्स फंड के पास इस वक्त कुल कितनी दौलत है, ब्याज से कितनी कमाई हुई और इसे कहां-कहां खर्च किया गया है।
8,452 करोड़ रुपये पर पहुंचा फंड का कॉर्पस
लेटेस्ट ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर तक पीएम केयर्स फंड के पास कुल 8,452 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम मौजूद थी। गौर करने वाली बात यह है कि इस फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत यानी ओपनिंग बैलेंस के तौर पर फंड के पास लगभग 7,173 करोड़ रुपये थे। साल के दौरान इस फंड में डोनेशन और ब्याज के जरिए करोड़ों रुपए जुड़े, जिससे यह आंकड़ा 8.4 हजार करोड़ के पार पहुंच गया।
ऑडिट स्टेटमेंट पर अगस्त 2026 में साइन किए गए थे, जिसमें फंड की कुल इनकम, खर्च और बैंक होल्डिंग्स का पूरा ब्योरा दिया गया है। रिपोर्ट बताती है कि इस फंड का लगभग 93% हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश किया गया है, ताकि उस पर भारी ब्याज मिल सके।
ब्याज से हुई कमाई ने चौंकाया: डोनेशन के बराबर मिला रिटर्न
इस रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि पीएम केयर्स फंड को जितना पैसा नए डोनेशन से मिला, लगभग उतना ही पैसा उसने केवल बैंक ब्याज के जरिए कमा लिया। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- कुल डोनेशन: साल के दौरान फंड को घरेलू और विदेशी स्रोतों से लगभग 480 करोड़ रुपये मिले।
- ब्याज से कमाई: इसी अवधि में फंड ने ब्याज के रूप में लगभग 475 करोड़ रुपये कमाए।
- FD और सेविंग्स: ब्याज की इस रकम में से 469.37 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट से और 5.77 करोड़ रुपये सेविंग्स बैंक अकाउंट से आए।
31 मार्च 2025 तक की स्थिति के अनुसार, फंड के पास एफडी में 7,846.65 करोड़ रुपये और सेविंग्स बैंक अकाउंट्स में 605.41 करोड़ रुपये जमा थे।
हैरानी की बात: एक साल में सिर्फ 1 करोड़ रुपये से कम खर्च
इतनी बड़ी और विशाल रकम होने के बावजूद, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान फंड से बहुत ही मामूली खर्च किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे साल में सिर्फ 87.85 लाख रुपये ही खर्च किए गए।
इस खर्च का अधिकांश हिस्सा यानी 87.84 लाख रुपये ‘PM CARES फॉर चिल्ड्रन स्कीम’ के तहत गया, जबकि महज 451 रुपये बैंक और एसएमएस चार्जेस के रूप में कटे। इसके अलावा, स्टेटमेंट में लागू करने वाली एजेंसियों (Implementing Agencies) से 324.66 करोड़ रुपये का रिफंड मिलने का भी जिक्र है। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि ये रिफंड किस वजह से आया, किन प्रोजेक्ट्स के लिए पैसा पहले जारी किया गया था, या इसमें कौन सी एजेंसियां शामिल थीं।
पारदर्शिता (Transparency) पर फिर उठे सवाल
फंड की जानकारी में देरी और बेहद कम खर्च को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। देश के जाने-माने वित्तीय विशेषज्ञों और सोशल एक्टिविस्ट्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अधिवक्ता और एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज ने सवाल उठाया है कि जब देश में और लोगों को मदद की जरूरत हो सकती है, तब इतनी बड़ी रकम को फिक्स्ड डिपॉजिट में क्यों निवेश करके रखा गया है और खर्च इतना कम क्यों है?
इसके अलावा, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) ने भी ऑडिट के समय और ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई जानकारी में नोट्स ऑफ अकाउंट्स की कमी पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि इतने बड़े सार्वजनिक फंड में वित्तीय मामलों की पारदर्शिता और अधिक स्पष्ट होनी चाहिए।
क्या है PM CARES Fund का इतिहास?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीएम केयर्स फंड का गठन मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी जैसी इमरजेंसी स्थितियों, आपदाओं और पब्लिक हेल्थ से जुड़ी जरूरतों से निपटने के लिए किया गया था। इसके गठन के पहले दिन से ही इसकी लीगल स्टेटस और जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
सरकार की ओर से हमेशा यह स्पष्ट किया गया है कि पीएम केयर्स एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट है, जिसे पूरी तरह से स्वैच्छिक योगदान (Voluntary Contributions) के जरिए फंड मिलता है। सरकार का यह भी तर्क रहा है कि यह ‘नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड’ (NDRF) जैसे सरकारी बजट वाले फंड्स से पूरी तरह अलग है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: PM CARES Fund के पास वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कुल कितनी रकम थी?
Ans: लेटेस्ट ऑडिटेड रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक इस फंड के पास कुल 8,452 करोड़ रुपये की रकम मौजूद थी।
Q2: फंड की कमाई का मुख्य जरिया क्या रहा?
Ans: फंड को जहां एक तरफ घरेलू और विदेशी डोनेशन से करीब 480 करोड़ रुपये मिले, वहीं दूसरी तरफ एफडी और बैंक ब्याज से लगभग 475 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
Q3: इस फंड से सालभर में कुल कितना खर्च हुआ?
Ans: वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान इस फंड से सिर्फ 87.85 लाख रुपये का ही खर्च दर्ज किया गया, जिसमें से ज्यादातर पैसा बच्चों की योजनाओं पर खर्च हुआ।