भारत और जापान की दोस्ती आने वाले समय में दुनिया की आर्थिक तस्वीर को कैसे बदल सकती है? हाल ही में एक ऐसा ही बड़ा कदम उठाया गया है, जो दोनों देशों के रिश्तों को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए तैयार है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी कारोबारियों को भारत में अपने निवेश और साझेदारी को और गहरा करने का खुला आमंत्रण दिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जापानी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित एक विशेष रात्रिभोज के दौरान पीयूष गोयल ने यह बातें कहीं। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी Adityanath भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री के इस बयान ने साफ कर दिया है कि भारत अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत हब बनता जा रहा है।
भारत-जापान साझेदारी: शांति और समृद्धि का नया अध्याय
अपने संबोधन में पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत और जापान की पार्टनरशिप अब रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद अहम हो चुकी है। यह साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, प्रगति और आपसी समृद्धि के साझा विजन पर टिकी हुई है।
जापान के 'यामानाशी प्रान्त' (Yamanashi Prefecture) के प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा यह साबित करती है कि दोनों देशों का सहयोग अब केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों और क्षेत्रीय स्तर पर भी तेजी से फैल रहा है।
किन क्षेत्रों में हैं निवेश की अपार संभावनाएं?
केंद्रीय मंत्री ने कई ऐसे प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है जहाँ भारत और जापान की ताकतें एक-दूसरे की पूरक बन सकती हैं। इन क्षेत्रों में शामिल हैं:
- मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी
- बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और ऊर्जा (Energy)
- कृषि और रक्षा क्षेत्र (Agriculture & Defence)
- ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी
- भारत की सांस्कृतिक और सॉफ़्ट पावर
उत्तर प्रदेश बना निवेश का नया पावरहाउस
इस पूरी बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश केंद्र बिंदु में रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी जिस तरह से '1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था' बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, उसने विदेशी निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
पीयूष गोयल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 90 लाख से अधिक एमएसएमई (MSME) यूनिट्स हैं और यह भारत का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य है। राज्य में एस्कॉर्ट्स कुोटा (Escorts Kubota) और सीको एडवांस जैसी जापानी कंपनियां पहले से ही सफलतापर्वक काम कर रही हैं।
अभूतपूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क
जापानी निवेशकों के लिए यूपी को एक आदर्श स्थल बताते हुए मंत्री ने राज्य की मजबूत बुनियादी सुविधाओं का जिक्र किया:
- जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: वैश्विक कनेक्टिविटी के लिए।
- यमुना एक्सप्रेसवे: तेज और सुगम परिवहन।
- वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से तैयार।
- औद्योगिक क्लस्टर: सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए 27 विशेष क्लस्टर।
27.5 अरब डॉलर तक पहुंचा द्विपक्षीय व्यापार
जुलाई में नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए गोयल ने याद दिलाया कि जापान ने अगले एक दशक में भारत में 10 ट्रिलियन येन (10 trillion yen) निवेश करने का लक्ष्य रखा है।
वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो:
- वित्त वर्ष 2025-26 में भारत-जापान का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
- जापान वर्तमान में भारत में पांचवां सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) स्रोत है।
- भारत में सुजुकी, टोयोटा, होंडा, सोनी, हिताची और मित्सुबिशी जैसी 1,400 से अधिक जापानी कंपनियां पहले से कारोबार कर रही हैं।
- मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई व अहमदाबाद की मेट्रो परियोजनाएं इस दोस्ती की जीवंत मिसाल हैं।
'काइजेन' (Kaizen) की तर्ज पर भारत के सुधार
जापानी दर्शन 'काइजेन' (जिसका अर्थ है निरंतर सुधार) का हवाला देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का आर्थिक सुधार सफर भी इसी फिलॉसफी पर आगे बढ़ रहा है। देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और जापानी भाषा के प्रशिक्षण जैसे कदम निवेशकों के लिए माहौल को और आसान बना रहे हैं।
अपने इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए पीयूष गोयल आगामी 24 से 27 अगस्त 2026 तक जापान के दौरे पर रहेंगे, जहां वे जापानी सरकार और उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: पीयूष गोयल के जापान दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Ans: इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जापान के साथ रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना, जापानी निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करना और आगामी परियोजनाओं पर चर्चा करना है।
Q2: जापान भारत में किन क्षेत्रों में सबसे अधिक निवेश कर रहा है?
Ans: जापान मुख्य रूप से मोबिलिटी (ऑटोमोबाइल), इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश कर रहा है।
Q3: वर्तमान में भारत और जापान का द्विपक्षीय व्यापार कितना है?
Ans: वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 27.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।