ऐसे मुकाबले को देखा है जहां शुरुआत देखकर दिल की धड़कनें बढ़ जाएं, लेकिन अंत ऐसा हो कि हर कोई बस तारीफ करता रह जाए? कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला बैडमिंटन कोर्ट पर, जहां भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें क्यों विश्व स्तर का खिलाड़ी माना जाता है।
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 (BWF World Championships 2026) का आगाज भारतीय फैंस के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन अंत बेहद सुखद रहा। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले जा रहे इस महामुकाबले में भारत की उम्मीदों को पंख तब लगे जब लक्ष्य सेन ने शुरुआती झटके से उबरते हुए धमाकेदार अंदाज में जीत हासिल की।
पहला गेम गंवाने के बाद बढ़ी थीं धड़कनें
मेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 64 मुकाबले में 14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन का सामना ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स फिलिमोन (Collins Filimon) से था। मुकाबला शुरू हुआ तो किसी ने नहीं सोचा था कि खेल इतना रोमांचक मोड़ लेगा। पहला गेम पूरी तरह से कड़ा संघर्ष रहा।
शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए जंग देखने को मिली। गेम के इंटरवल तक ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी फिलिमोन बेहद मामूली बढ़त (11-10) के साथ आगे थे। हालांकि, इसके बाद लक्ष्य सेन अपनी स्वाभाविक लय से थोड़ा भटके नजर आए। कुछ अनफोर्सड एरर्स (गलत शॉट्स) ने उन्हें भारी पड़ा, जिसका फायदा उठाते हुए कॉलिन्स फिलिमोन ने बढ़त बना ली। फिलिमोन ने 20-16 पर गेम प्वाइंट हासिल किया और महज 15 मिनट के भीतर पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।
"बड़े खिलाड़ी वो नहीं होते जो कभी गिरते नहीं, बल्कि वो होते हैं जो गिरने के बाद दोगुनी ताकत से उठ खड़े होते हैं।" लक्ष्य सेन ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिखाया।
दूसरे गेम में दिखा असली 'लक्ष्य'
पहले गेम की हार के बाद कोच और फैंस की सांसे थोड़ी देर के लिए थम सी गई थीं, लेकिन कोर्ट पर मौजूद लक्ष्य सेन पूरी तरह शांत और अपने गेम प्लान को लेकर स्पष्ट नजर आए। दूसरे गेम की शुरुआत में फिलिमोन ने स्कोर 6-6 से बराबर कर जरूर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन यहीं से मैच का टर्निंग पॉइंट आया।
- लक्ष्य ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लंबी रैलियां खेलना शुरू किया।
- लगातार चार अंक हासिल कर उन्होंने ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी पर मानसिक दबाव बना दिया।
- उनकी तेजी और कोर्ट कवरेज देखने लायक थी।
दबाव बढ़ता देख फिलिमोन बिखरते चले गए और लक्ष्य ने इसका पूरा फायदा उठाया। उन्होंने 20-8 पर गेम प्वाइंट हासिल किया और महज 16 मिनट में दूसरा गेम 21-8 से अपने नाम करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। मुकाबला अब पूरी तरह से निर्णायक गेम में पहुंच चुका था।
तीसरे और निर्णायक गेम में एकतरफा आक्रामकता
मुकाबले के तीसरे और अंतिम गेम में लक्ष्य सेन ने अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने शुरुआत से ही ऐसा आक्रामक खेल दिखाया कि ऑस्ट्रियाई शटलर के पास उनके किसी भी शॉट का कोई जवाब नहीं था।
हालात यह थे कि इंटरवल तक लक्ष्य ने 11-1 की अजेय बढ़त बना ली थी। खेल पूरी तरह से एकतरफा हो चुका था। लक्ष्य ने अपनी फिटनेस और आक्रामक शैली का शानदार प्रदर्शन जारी रखा और स्कोर को तेजी से 20-4 तक पहुंचा दिया। इसके तुरंत बाद अगली ही रैली में अंक बटोरते हुए उन्होंने महज़ 14 मिनट में निर्णायक गेम 21-4 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। कुल 45 मिनट तक चले इस कड़े मुकाबले में लक्ष्य ने साबित कर दिया कि दबाव की स्थिति में कैसे कूल रहकर मैच जीता जाता है।
आगे की राह और उम्मीदें
पूर्व वर्ल्ड चैंपियनशिप ब्रॉन्ज मेडलिस्ट रहे लक्ष्य सेन की यह जीत भारतीय कैंप के लिए बहुत बड़ा बूस्ट है। पहला गेम हारने के बाद जिस मानसिक दृढ़ता के साथ उन्होंने वापसी की, वह उनके आगामी मुकाबलों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।
भारतीय फैंस अब उम्मीद कर रहे हैं कि लक्ष्य इसी लय को बरकरार रखेंगे और टूर्नामेंट में दूर तक का सफर तय करते हुए देश के लिए एक और पदक पक्का करेंगे। उनकी यह जीत इस बात का भी प्रमाण है कि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अब मानसिक रूप से कितने मजबूत हो चुके हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: लक्ष्य सेन ने BWF World Championships 2026 के पहले दौर में किसे हराया?
Ans: लक्ष्य सेन ने मेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 64 मुकाबले में ऑस्ट्रिया के खिलाड़ी कॉलिन्स फिलिमोन को हराया।
Q2: मैच का स्कोर क्या रहा था?
Ans: लक्ष्य सेन ने यह मुकाबला 16-21, 21-8, 21-4 से अपने नाम किया। पहला गेम हारने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की थी।
Q3: यह मुकाबला कहां खेला गया था?
Ans: यह मुकाबला नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेला गया।