मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में प्रकृति का एक अलग ही रूप इन दिनों देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ जिले की जीवनदायिनी मां नर्मदा का जलस्तर भी खतरनाक स्तर तक बढ़ा दिया है। हालात यह हैं कि नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं, जिससे जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में हलचल बढ़ा दी है, वहीं इसके विहंगम और डरावने दोनों रूपों की चर्चा चारों तरफ हो रही है।
जलमग्न हुए ऐतिहासिक घाट और मंदिर
बारिश का यह दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसका सीधा असर डिंडोरी के प्रसिद्ध नर्मदा घाटों पर दिखाई दे रहा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण अधिकांश घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। स्थिति यह है कि घाटों की सीढ़ियां पानी के भीतर समा चुकी हैं और नदी किनारे बने प्राचीन मंदिरों के गर्भ गृह तक पानी पहुंच गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलस्तर में लगातार हो रहा यह इजाफा पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
हालांकि, इस भीषण जलभराव के बीच एक ऐसा अद्भुत और मनमोहक दृश्य भी सामने आया जिसने देखने वालों का मन मोह लिया। बढ़ते पानी के बीच नर्मदा नदी का जल सीधे शिव मंदिर के शिवलिंग तक जा पहुंचा। इस दृश्य को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो मां नर्मदा स्वयं अपने आराध्य भगवान शिव का जलाभिषेक कर रही हों। इस पावन और दुर्लभ क्षण के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर जंगल में आग की तरह फैल चुकी हैं, और लोग इस प्राकृतिक सौंदर्य को खूब साझा कर रहे हैं।
कलेक्टर ने संभाली कमान, खुद किया स्थलीय निरीक्षण
हाला की गंभीरता को देखते हुए डिंडोरी जिला प्रशासन ने किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए कमर कस ली है। जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने खुद मोर्चा संभालते हुए संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। कलेक्टर ने जोगीटिकरिया स्थित नर्मदा नदी पुल और डिंडोरी के मुख्य पुल व डेम घाट का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलस्तर की रफ्तार का जायजा लिया और मौके पर मौजूद सिंचाई, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की टीमें नदी के आसपास के इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं ताकि कोई भी व्यक्ति खतरे के निशान को पार न करे।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: घरों में रहें, सुरक्षित रहें
जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने डिंडोरी के तमाम नागरिकों से एक भावनात्मक और सख्त अपील की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा मौसम के मिजाज को देखते हुए लोग बिना किसी अति आवश्यक काम के अपने घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें।
- नदी-नालों से दूर रहें: उफनती हुई नर्मदा या उसकी सहायक नदियों के किनारे बिल्कुल न जाएं, सेल्फी लेने या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं।
- बच्चों का रखें विशेष ध्यान: माता-पिता यह सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे जलभराव वाले क्षेत्रों या पुल-पुलियों के आसपास न जाएं।
- आपातकालीन नंबर: किसी भी संकट या आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन या पुलिस विभाग के कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में शिफ्ट करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. डिंडोरी में नर्मदा नदी का जलस्तर क्यों बढ़ा है?
डिंडोरी और उसके ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
2. जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और जलमग्न घाटों के पास न जाएं, बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलें और पूरी सावधानी बरतें।
3. क्या किसी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था है?
जी हां, किसी भी आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और स्थानीय थानों व नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है।