रोजगार की तलाश में अपने घर से मीलों दूर गए एक शख्स की अचानक हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से जुड़ा यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, जहां गुजरात के भावनगर में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत की वजह कभी 'हार्ट अटैक' बताई गई तो कभी 'जहरीली शराब'। स्थिति इतनी संदिग्ध थी कि आनन-फानन में अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहे परिजनों को बीच रास्ते ही रोक दिया गया और श्मशान घाट पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
घटना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के डोंगरपुर किरार गांव की है। यहां रहने वाले 47 वर्षीय नागेंद्र पुत्र दामोदर यादव बेहतर भविष्य और काम की तलाश में पिछले महीने की 15 तारीख को गुजरात के भावनगर गए थे। परिजनों के मुताबिक, नागेंद्र इसके पहले कभी गुजरात नहीं गए थे। वह गुना जिले के ब्यावरा के रहने वाले एक अन्य युवक के साथ वहां काम की तलाश में पहुंचे थे।
लेकिन किसे पता था कि यह सफर नागेंद्र का आखिरी सफर साबित होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भावनगर के घोघा क्षेत्र में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसी दौरान नागेंद्र की भी तबीयत खराब हुई और उसे बेसुध हालत में भावनगर के अहम वेद अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान अगले दिन यानी 17 अगस्त को उसकी अस्पताल में मौत हो गई।
अस्पताल ने बताया हार्ट अटैक, पुलिस को हुआ शराब का शक
जब नागेंद्र की मौत हुई, तो अस्पताल प्रबंधन और अन्य लोगों ने परिजनों को सूचना दी कि नागेंद्र की मौत दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से हुई है। इस सूचना से बेखबर और गमगीन परिजन अस्पताल से सभी जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करवाकर शव को एम्बुलेंस से अपने पैतृक गांव मुरैना ले आए।
दूसरी तरफ, गुजरात पुलिस जब भावनगर में हुई मौतों की कड़ियां जोड़ रही थी, तो उनके सामने नागेंद्र का नाम भी आया। पुलिस को यह अंदेशा हुआ कि नागेंद्र की मौत भी उसी जहरीली शराब त्रासदी का हिस्सा हो सकती है, जिसकी जांच स्थानीय पुलिस कर रही थी।
श्मशान घाट पर पहुंची पुलिस, रुकवाया अंतिम संस्कार
जब परिजन शव को लेकर मुरैना के डोंगरपुर किरार गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हुईं, ठीक उसी समय गुजरात पुलिस ने मुरैना पुलिस से संपर्क साधा। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई।
पुलिस ने बिना किसी देरी के गांव और श्मशान घाट पर अपनी तैनाती बढ़ा दी ताकि किसी भी कानूनी प्रक्रिया के पूरी होने से पहले अंतिम संस्कार न हो सके। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अंतिम संस्कार रोक दिया गया और शव को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मेडिकल बोर्ड की निगरानी में उसका पोस्टमार्टम कराया गया।
शून्य पर मर्ग कायम, अब बिसरा रिपोर्ट का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुरैना कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में 'शून्य' (Zero) पर मर्ग कायम कर लिया है। मामले की जानकारी देते हुए एसआई पवन भदौरिया ने बताया कि शून्य पर दर्ज मर्ग से जुड़े सभी दस्तावेज, मृतक का बिसरा सैंपल और प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब आगे की जांच के लिए भावनगर पुलिस को भेजी जाएगी।
पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या नागेंद्र का गुजरात जाना किसी अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़ा था या वह महज एक सामान्य मजदूर के रूप में वहां गया था। हालांकि, इन तमाम सवालों के जवाब विसरा और अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. नागेंद्र यादव की मौत कहां और किस परिस्थिति में हुई?
नागेंद्र यादव की मौत गुजरात के भावनगर में हुई है। शुरुआत में परिजनों को मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई थी, लेकिन गुजरात पुलिस को संदेह है कि उसकी मौत जहरीली शराब के सेवन से हुई है।
2. अंतिम संस्कार क्यों रोकना पड़ा?
गुजरात पुलिस को आशंका थी कि नागेंद्र की मौत जहरीली शराब कांड से जुड़ी हो सकती है। जैसे ही इसकी जानकारी मिली, पुलिस ने ऐन वक्त पर दखل देकर अंतिम संस्कार रुकवाया और उसका दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया।
3. अब इस मामले में आगे क्या जांच होगी?
मुरैना पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बिसरा सैंपल को गुजरात के भावनगर पुलिस को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और आपराधिक जांच की जाएगी।