क्या झारखंड के युवाओं का गुस्सा आखिरकार शांत हो गया है? यह सवाल पिछले कुछ घंटों से हर उस शख्स के जेहन में है जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के हालातों पर नजर बनाए हुए है। राज्य की राजधानी रांची से एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। झारखंड में पिछले 16 दिनों से मौत के मुहाने पर खड़े होकर अनशन कर रहे चर्चित छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना आमरण अनशन आखिरकार खत्म कर दिया है।
जैसे ही यह खबर फैली, राज्यभर के प्रतियोगी छात्रों ने राहत की सांस ली। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर अनशन तोड़ने के बाद देवेंद्र महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद क्यों किया? इसके पीछे की सियासत और छात्रों की जीत की पूरी कहानी बेहद दिलचस्प है।16 दिनों का संघर्ष और सरकार का यू-टर्न
गौरतलब है कि देवेंद्र नाथ महतो झारखंड में लगातार हो रही शिक्षक और प्रशासनिक भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) और टीडीपीएल (TDPL) परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं को लेकर उनका विरोध प्रदर्शन इतना उग्र हो गया था कि उन्होंने अन्न-जल त्यागकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी थी।
उनकी सेहत लगातार गिर रही थी, डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही थी, और झारखंड के कोने-कोने से छात्र उनके समर्थन में सड़कों पर उतर आए थे। बढ़ते दबाव और छात्रों के उग्र होते तेवर को भांपते हुए आखिरकार झारखंड सरकार को झुकना पड़ा। सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए JSSC-CGL और TDPL की विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
क्यों किया गया हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का धन्यवाद?
अनशन समाप्त करने के बाद देवेंद्र महतो ने मीडिया और अपने समर्थकों के बीच खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और देश के दिग्गज नेता राहुल गांधी का विशेष तौर पर आभार जताया। इसके पीछे मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
- मांगों पर सकारात्मक सहमति: सरकार ने न सिर्फ परीक्षाएं रद्द कीं, बल्कि छात्रों की लंबे समय से चली आ रही एक और बड़ी मांग को मान लिया।
- सीबीआई/सीआईडी जांच का आदेश: सरकार ने साल 2014 से लेकर अब तक हुई तमाम भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष 'सीआईडी जांच' (CID Investigation) कराने का ऐलान किया है।
- परीक्षा सुधार समिति का गठन: भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक उच्च स्तरीय 'परीक्षा सुधार समिति' के गठन का भी निर्णय लिया गया है।
- राजनीतिक इच्छाशक्ति: छात्र नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी द्वारा लगातार युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और सीएम हेमंत सोरेन द्वारा आखिरकार जिद छोड़कर व्यावहारिक रुख अपनाने से ही यह संभव हो पाया है।
"यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि झारखंड के सवा करोड़ युवाओं और छात्रों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत है। सरकार ने हमारी मुख्य मांगों को मान लिया है, इसलिए हमने अपना अनशन समाप्त किया है। लेकिन हमारी नजर अभी भी बनी रहेगी कि इन वादों को जमीन पर कितनी जल्दी उतारा जाता है।" - देवेंद्र नाथ महतो, छात्र नेता
आगे की क्या है राह?
भले ही देवेंद्र महतो ने जूस पीकर अपना 16 दिनों का लंबा अनशन तोड़ दिया हो, लेकिन झारखंड का राजनीतिक और छात्र पारा अभी भी गर्म है। परीक्षाओं के रद्द होने से जहां एक तरफ उन छात्रों में खुशी है जो पेपर लीक से परेशान थे, वहीं दूसरी तरफ उन उम्मीदवारों में चिंता भी है जिन्होंने इन परीक्षाओं की तैयारी में सालों मेहनत की थी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार द्वारा गठित की जाने वाली 'परीक्षा सुधार समिति' क्या सिफारिशें देती है और नई परीक्षाएं पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से कब तक आयोजित की जाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: देवेंद्र नाथ महतो ने अनशन क्यों शुरू किया था?
Ans: देवेंद्र महतो झारखंड में JSSC-CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले 16 दिनों से आमरण अनशन पर थे।
Q2: सरकार ने छात्रों की कौन सी मुख्य मांगें मानी हैं?
Ans: सरकार ने JSSC-CGL और TDPL की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं, 2014 से हुई परीक्षाओं की CID जांच का आदेश दिया है और एक परीक्षा सुधार समिति का गठन किया है।
Q3: क्या अब झारखंड में नई परीक्षाएं जल्द होंगी?
Ans: सरकार के फैसले के बाद अब परीक्षा सुधार समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही पारदर्शी तरीके से नई परीक्षाओं की रूपरेखा तैयार की जाएगी।