क्रिकेट के मैदान पर जब भी भारत और श्रीलंका आमने-सामने होते हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। गॉल के मैदान पर खेले जा रहे पहले टेस्ट मुकाबले के दूसरे दिन का खेल समाप्त हो चुका है। बारिश की आंख-मिचौली और मौसम के तमाम बाधाओं के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान पर अपना दमखम दिखाया और गॉल टेस्ट की पहली पारी में मजबूत पकड़ बना ली है। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 9 विकेट के नुकसान पर 460 रन बना लिए हैं। आइए जानते हैं गॉल टेस्ट के दूसरे दिन क्या कुछ खास रहा।
बारिश से प्रभावित रहा दूसरा दिन, साढ़े चार घंटे का खेल हुआ लेट
श्रीलंका के खिलाफ इस मुकाबले के दूसरे दिन मौसम ने रंग में भंग डालने की पूरी कोशिश की। बारिश के कारण मैच तय समय पर शुरू नहीं हो सका। करीब साढ़े चार घंटे तक खेल रुका रहा, जिससे दर्शकों और खिलाड़ियों दोनों की धड़कनें बढ़ी रहीं। हालांकि, दोपहर बाद मौसम साफ हुआ और लगभग 2:35 बजे खेल दोबारा शुरू हो सका। बारिश के कारण हुए इस लंबे व्यवधान के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने अपनी एकाग्रता नहीं खोई और पारी को आगे बढ़ाया।
देवदत्त पडिक्कल की शतकीय पारी, 167 रन बनाकर लौटे पवेलियन
पहले दिन के नाबाद शतकवीर देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे दिन भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। उन्होंने गॉल की मुश्किल पिचों पर श्रीलंकाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए अपने 150 रन पूरे किए। पडिक्कल ने बेहद संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया।
उन्होंने कुल 215 गेंदों का सामना करते हुए 167 रनों की एक मैराथन पारी खेली, जिसमें 14 शानदार चौके और 1 छक्का शामिल था। अंततः प्रभात जयसूर्या की एक फिरकी गेंद पर वह गच्चा खा गए और विकेटकीपर द्वारा स्टंप आउट हो गए, लेकिन तब तक वह टीम को एक बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।
मध्यक्रम ने संभाली जिम्मेदारी: पंत और जुरेल का अहम योगदान
पहले दिन के स्कोर 288/2 से आगे खेलने उतरी भारतीय टीम को दिन की शुरुआत में ही झटके लगे। कल के रिटायर्ड हर्ट बल्लेबाज केएल राहुल अपने स्कोर में महज 5 रन ही जोड़ सके और आउट हो गए। वहीं, विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने भी सूझबूझ से खेलते हुए 39 रन बनाए, लेकिन केशरा नुवांथा का शिकार बन बैठे।
इसके बाद पारी संभालने आए युवा बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की। जुरेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक महत्वपूर्ण अर्धशतक (51 रन) जड़ा और स्कोर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
दूसरे दिन के स्कोर पर एक नजर: विकेटों का पतन
- ऋषभ पंत: 39 रन (केशरा नुवांथा द्वारा आउट)
- केएल राहुल: 82 रन (रिटायर्ड हर्ट के बाद आगे ज्यादा नहीं टिक सके)
- देवदत्त पडिक्कल: 167 रन (प्रभात जयसूर्या का शिकार)
- रविंद्र जडेजा: 13 रन (एलबीडब्ल्यू, अंपायर कॉल)
- ध्रुव जुरैल: 51 रन
- मोहम्मद सिराज और मानव सुथार: क्रमशः 11 और 24 रन (लगातार गेंदों पर गिरे विकेट)
आखिरी सेशन में गिरे लगातार विकेट
तीसरे और अंतिम सेशन में भारतीय टीम ने तेजी से रन बनाने के प्रयास में अपने कुछ विकेट जल्दी गंवाए। पारी के 112वें और 113वें ओवर में भारत को लगातार गेंदों पर दो झटके लगे। असिथा फर्नांडो ने मोहम्मद सिराज (11) को चलता किया, तो अगली ही गेंद पर प्रभात जयसूर्या ने मानव सुथार (24) को पवेलियन की राह दिखाई।
दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 9 विकेट पर 460 रन बना लिए हैं। क्रीज पर आखिरी जोड़ी के रूप में प्रसिद्ध कृष्णा (1 रन) और कुलदीप यादव (12 रन) नाबाद डटे हुए हैं। श्रीलंका की तरफ से गेंदबाजी में प्रभात जयसूर्या ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया।
निष्कर्ष
गॉल टेस्ट के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम श्रीलंका पर पूरी तरह शिकंजा कस चुकी है। बोर्ड पर 460 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर चुकी टीम इंडिया अब तीसरे दिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। देखना दिलचस्प होगा कि श्रीलंकाई टीम इस बड़े स्कोर के जवाब में कैसी शुरुआत करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर भारत का स्कोर क्या था?
Ans: दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने पहली पारी में 9 विकेट के नुकसान पर 460 रन बना लिए हैं।
Q2: देवदत्त पडिक्कल ने गॉल टेस्ट में कुल कितने रन बनाए?
Ans: देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 167 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 1 छक्का शामिल था।
Q3: दूसरे दिन का खेल क्यों प्रभावित हुआ था?
Ans: बारिश के कारण दूसरे दिन का खेल तय समय पर शुरू नहीं हो सका और करीब साढ़े चार घंटे की देरी के बाद दोपहर 2:35 बजे शुरू हुआ।