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तिरंगे की शान में तैनात थे कांस्टेबल धर्मराज, परेड के दौरान टूटी सांसें; CM विजय का बड़ा ऐलान

तिरंगे की शान में तैनात थे कांस्टेबल धर्मराज, परेड के दौरान टूटी सांसें; CM विजय का बड़ा ऐलान

देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस की खुशियां और जश्न उस वक्त गहरे सदमे में बदल गईं, जब तिरंगे की शान में अपनी ड्यूटी निभा रहा एक खाकीधारी हमेशा के लिए खामोश हो गया। तमिलनाडु में स्वतंत्रता दिवस परेड के दौरान एक मार्मिक घटना सामने आई, जहां ड्यूटी पर तैनात ग्रेड-1 पुलिस कांस्टेबल ए. धर्मराज का अचानक निधन हो गया। इस दुखद घटना ने पूरे पुलिस विभाग और राज्य को झकझोर कर रख दिया है।

परेड की रिहर्सल या समारोह के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 56 वर्षीय ए. धर्मराज अवाडी स्थित तमिलनाडु स्पेशल पुलिस रेजिमेंटल सेंटर की बैंड यूनिट में ग्रेड-1 कांस्टेबल के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्हें चेन्नई के ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में औपचारिक ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था।

समारोह के दौरान जब वह अपनी टुकड़ी के साथ मुस्तैद थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। इसे देख वहां मौजूद साथी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत उठाया गया और आपातकालीन स्थिति में चेन्नई के मशहूर राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों के तमाम प्रयास रहे नाकाम

राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की टीम ने कांस्टेबल धर्मराज की जान बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। उनकी हालत को स्थिर करने के तमाम प्रयास किए गए, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इलाज के दौरान ही 56 वर्षीय इस कर्तव्यनिष्ठ सिपाही ने दम तोड़ दिया।

अस्पताल से जैसे ही उनके निधन की खबर बाहर आई, वहां मौजूद उनके साथियों और परिजनों की आंखें नम हो गईं। देखते ही देखते यह दुखद खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और पूरे तमिलनाडु पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।

मुख्यमंत्री विजय ने जताया गहरा शोक

इस अत्यंत दुखद घटना पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कांस्टेबल ए. धर्मराज का यूं अचानक चले जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे तमिलनाडु पुलिस बल के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

"धर्मराज ने अपने अंतिम क्षण तक अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया। राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।" - मुख्यमंत्री विजय

परिवार के लिए 30 लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान

परिजनों पर आए इस अचानक दुखों के पहाड़ को थोड़ा हल्का करने और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री विजय ने तुरंत बड़ा कदम उठाया है। सरकार की ओर से मृत कांस्टेबल के परिवार को 30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस सहायता राशि को जल्द से जल्द पीड़ित परिवार तक पहुंचाया जाए, ताकि वे इस आर्थिक संकट के दौर से पार पा सकें। परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य के यूं चले जाने के बाद यह मदद उनके आश्रितों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी।

बैंड यूनिट की थी अहम भूमिका

फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में पुलिस की बैंड यूनिट की भूमिका बेहद खास होती है। मार्च-पास्ट की ताल से लेकर राष्ट्रगान तक, यह यूनिट हर कार्यक्रम की रीढ़ होती है। ए. धर्मराज जैसे समर्पित कर्मी ही इन आयोजनों की सफलता के पीछे असली नायक होते हैं, जो बिना किसी प्रचार के अपनी ड्यूटी को सर्वोपरि मानते हैं।

उनके सहकर्मियों ने उन्हें एक बेहद अनुशासित, मिलनसार और अपने काम के प्रति समर्पित सिपाही के रूप में याद किया। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर आम नागरिक भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके बलिदान को नमन कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: कांस्टेबल ए. धर्मराज किस पद पर तैनात थे?

A: ए. धर्मराज तमिलनाडु स्पेशल पुलिस रेजिमेंटल सेंटर (अवाडी) की बैंड यूनिट में ग्रेड-1 कांस्टेबल के रूप में तैनात थे।

Q2: यह दुखद घटना कहाँ घटित हुई?

A: यह घटना चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान हुई, जहां वे ड्यूटी पर थे।

Q3: सरकार की ओर से क्या सहायता दी गई है?

A: मुख्यमंत्री विजय ने उनके परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

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रिपोर्टर: Anuradha Dubey

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