पूर्व सैनिकों के लिए बड़ी खबर ECHS ने जारी की नई गाइडलाइन इलाज कराना हुआ और आसान
👉 डिजिटल डेस्क, [www.purvsainik.com]
पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) ने अपने लाभार्थियों को बेहतर, त्वरित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य इलाज की प्रक्रिया को सरल बनाना और आपातकालीन स्थिति में पूर्व सैनिकों को बिना किसी परेशानी के तुरंत राहत पहुंचाना है।
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य ECHS का लाभ लेता है, तो आपके लिए इन नए बदलावों को जानना बेहद जरूरी है।
👉 ECHS नई गाइडलाइन के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
ECHS द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों में निम्नलिखित बड़े बदलाव किए गए हैं:
⛑️इलाज के नियमों में सरलीकरण: अब रेफरल प्रक्रिया (Referral Process) को और अधिक लचीला बनाया गया है, जिससे मरीजों को पॉलीक्लिनिक और एम्पैनल्ड अस्पतालों (Empanelled Hospitals) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।इमरजेंसी में तुरंत इलाज: आपातकालीन स्थिति (Emergency) में अब किसी भी नजदीकी अस्पताल में इलाज शुरू कराया जा सकेगा। इसके लिए प्री-अथॉराइजेशन के नियमों को उदार बनाया गया है।
⛑️डिजिटल कार्ड और वेरिफिकेशन: नए गाइडलाइन के तहत स्मार्ट कार्ड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और फुल-प्रूफ बनाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके।💥दवाइयों की 👉👉उपलब्धता: पॉलीक्लिनिक स्तर पर आवश्यक दवाओं की कमी को दूर करने के लिए लोकल परचेज (Local Purchase) की पावर को बढ़ाया गया है, जिससे लाभार्थियों को समय पर दवाएं मिल सकें।
⛑️ क्या बदलाव होंगे लाभार्थियों के लिए?
नए नियमों के लागू होने से पूर्व सैनिकों (Veterans) को निम्नलिखित सीधे फायदे मिलेंगे:
1.👉रेफरल की वैधता (Referral Validity) में विस्तार
अब गंभीर बीमारियों के मामले में बार-बार पॉलीक्लिनिक जाकर रेफरल रीन्यू कराने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। कुछ विशेष परिस्थितियों में रेफरल की अवधि को बढ़ा दिया गया है।
👉 क्लेम सेटलमेंट हुआ तेज
मेडिकल रीइंबर्समेंट (Medical Reimbursement) के दावों के निपटारे के लिए एक समय-सीमा तय की गई है। अब ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया है ताकि बुजुर्ग दिग्गजों का पैसा फंसे नहीं।
👉 एम्पैनल्ड अस्पतालों पर सख्त निगरानी
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कोई अनुबंधित अस्पताल (Empanelled Hospital) ECHS मरीज को इलाज देने से मना करता है या अनावश्यक देरी करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
👉 महत्वपूर्ण नोट: सभी लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने ECHS 64KB स्मार्ट कार्ड को अप-टू-डेट रखें और मोबाइल नंबर को हमेशा रजिस्टर्ड रखें ताकि किसी भी प्रकार के ओटीपी (OTP) या वेरिफिकेशन में देरी न हो।