देश की सरहदों पर दुश्मनों से लोहा लेने वाले सैनिक जब रिटायर होते हैं, तो अक्सर लोग यही सोचते हैं कि अब वे आराम की जिंदगी बिताएंगे। लेकिन कुछ जांबाज ऐसे होते हैं जिनके भीतर का सिपाही कभी रिटायर नहीं होता। आज हम आपको एक ऐसे ही असाधारण व्यक्तित्व से मिलाने जा रहे हैं, जिन्होंने वर्दी उतारने के बाद देश के भीतर समाज सेवा की एक नई अलख जगाई है।
कौन हैं पूर्व सैनिक नसीम अहमद?
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की ग्राम सभा चौरहट के रहने वाले नसीम अहमद ने भारतीय सेना में रहते हुए लगभग 17 साल तक देश की सेवा की। वह भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 18वीं बटालियन, जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स से सेवानिवृत्त हुए हैं। देश की रक्षा में अपना अहम योगदान देने के बाद, जब उन्होंने फौज छोड़ी तो उनके सामने एक नया रास्ता था—खुद के लिए जीने का या फिर समाज के लिए समर्पित हो जाने का। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।
सेना की नौकरी के दौरान उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम का जो पाठ पढ़ा था, उसे उन्होंने अपने गांव और समाज के विकास में उतारना शुरू कर दिया। आज नसीम अहमद अपने इलाके में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
वेटरन्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव के रूप में जिम्मेदारी
सिर्फ अपने गांव तक ही सीमित न रहकर, नसीम अहमद आज राष्ट्रीय स्तर पर भूतपूर्व सैनिकों के अधिकारों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान में वह वेटरन्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
इस संगठन के माध्यम से वह क्या-क्या कार्य कर रहे हैं, आइए जानते हैं:
- सेना से सेवानिवृत्त हो चुके भूतपूर्व सैनिकों के अधिकारों की रक्षा करना।
- पूर्व सैनिकों के पेंशन संबंधी जटिल मामलों का समाधान कराना।
- वीर जवानों और उनके परिवारों के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना।
- देशभर के एक्स-सर्विसमैन को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना।
गांव के विकास के लिए समर्पित जीवन
चंदौली के चौरहट गांव में नसीम अहमद की सक्रियता युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी है। उनका मानना है कि जब तक देश का ग्रामीण इलाका मजबूत नहीं होगा, तब तक राष्ट्र का असली विकास संभव नहीं है। गांव की बुनियादी समस्याओं को दूर करने से लेकर युवाओं को सही दिशा दिखाने तक, वह हर मोर्चे पर आगे रहते हैं।
"फौज में रहते हुए हमने देश की भौगोलिक सीमाओं की रक्षा की, अब वर्दी उतरने के बाद हमारी जिम्मेदारी है कि हम समाज की कुरीतियों और विकास की बाधाओं के खिलाफ जंग लड़ें।" - नसीम अहमद
उनकी यह पहल साबित करती है कि जज्बा अगर पक्का हो, तो उम्र या पद मायने नहीं रखते। रिटायरमेंट के बाद का उनका यह सफर उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं लेकिन शुरुआत कहां से करें, यह समझ नहीं पाते।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: नसीम अहमद सेना की किस बटालियन से सेवानिवृत्त हुए हैं?
Ans: नसीम अहमद भारतीय सेना की 18वीं बटालियन, जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स से रिटायर हुए हैं।
Q2: वर्तमान में नसीम अहमद किस पद पर सेवा दे रहे हैं?
Ans: वह वर्तमान में 'वेटरन्स एसोसिएशन' के राष्ट्रीय सचिव के पद पर कार्यरत हैं और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं।
Q3: वह मूल रूप से किस स्थान के निवासी हैं?
Ans: वह उत्तर प्रदेश के जिला चंदौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा चौरहट के निवासी हैं।