क्या आप जानते हैं कि सेना के वीर जवानों को मिलने वाले वीरता और सेवा मेडल उनके जाने के बाद या उनकी अनुपस्थिति में उनके परिवार के सदस्य यानी नेक्स्ट ऑफ किन (NoK) पहन सकते हैं? जी हाँ, यह संभव है। लेकिन, इसे लेकर सेना के कुछ बेहद कड़े और स्पष्ट नियम हैं, जिनका पालन करना हर परिवार के लिए अनिवार्य है।
आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के जश्न को देखते हुए सेना मुख्यालय (Army HQ) की ओर से पूर्व सैनिकों (ESM) और सेवारत जवानों के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि आपके परिवार में भी कोई देश की सेवा कर चुका है और आप उनके पदकों (Medals) को पहनने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि इस संबंध में सेना के नियम क्या कहते हैं।
सेना मुख्यालय का ऐतिहासिक पत्र और नियम
सेना मुख्यालय द्वारा 11 जुलाई 2019 को जारी किए गए एक आधिकारिक पत्र (Army HQ Letter No. B/42901/Dress/AG/CW-1) में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि किन परिस्थितियों में और कौन से परिवार के सदस्य इन पदकों को धारण कर सकते हैं। यह नियम मुख्य रूप से 'नेक्स्ट ऑफ किन' (Next of Kin - NoK) यानी कानूनी उत्तराधिकारी या नजदीकी परिजनों पर लागू होता है।
भारतीय सेना के नियमों के अनुसार, यह प्रावधान न केवल देश के लिए कुर्बान होने वाले वीरों के सम्मान को बनाए रखने के लिए है, बल्कि उन परिवारों के गौरव को भी मंच देने के लिए है जिन्होंने देश के लिए अपार त्याग किया है।
किन नियमों का पालन करना है अनिवार्य?
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य राष्ट्रीय पर्व जैसे 15 अगस्त या अन्य आधिकारिक अवसरों पर इन पदकों को पहनने का मन बना रहा है, तो निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:
- निश्चित अवसर: सेना के नियमों के मुताबिक, NoK को यह मेडल केवल विशिष्ट और निर्धारित आधिकारिक अवसरों पर ही पहनने की अनुमति होती है। हर आम दिन या समारोह में इन्हें पहनने की छूट नहीं है।
- ड्रेस कोड (Formal Civil Dress): मेडल पहनते समय गरिमा का विशेष ध्यान रखना होता है। परिवार के सदस्यों को इसके लिए उचित और निर्धारित फॉर्मल सिविल ड्रेस (Formal Civil Dress) ही पहननी होगी। कैजुअल या भड़कीले कपड़ों के साथ इन्हें पहनना वर्जित है।
- एक ही व्यक्ति पहन सकता है मेडल: यदि परिवार में एक से अधिक मेडल के सेट उपलब्ध हैं, तब भी नियम यह कहता है कि सेवा सदस्य या NoK में से कोई एक ही व्यक्ति उन पदकों को धारण करेगा। दोहराव या प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
- पदक की गरिमा सर्वोपरि: सेना के मेडल देश के शौर्य और पराक्रम के प्रतीक हैं। इसलिए इनकी पवित्रता और गरिमा को ठेस न पहुंचे, इसका पूरा ख्याल रखना परिवार की नैतिक जिम्मेदारी है।
किन दिशा-निर्देशों और प्रावधानों पर आधारित है यह नियम?
यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि इसे सेना के पुराने और स्थापित विनियमों के तहत ही स्पष्ट किया गया है। इसके संदर्भ में निम्नलिखित आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला दिया जाता है:
- आर्मी रेगुलेशंस 1987 (संशोधित संस्करण), पैरा 666
- AG/CW-1 का पत्र दिनांक 23 दिसंबर 1998
- आर्मी हेडक्वार्टर का पत्र दिनांक 11 जुलाई 2019
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियमों की जानकारी आम जनता और विशेषकर सैन्य परिवारों तक सही रूप से पहुंचनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की अनभिज्ञता के कारण सैन्य परंपराओं का उल्लंघन न हो।
स्वतंत्रता दिवस पर क्यों बढ़ जाती है इन नियमों की प्रासंगिकता?
15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर पूरा देश देशभक्ति के रंग में रंगा होता है। ऐसे में कई पूर्व सैनिक और उनके परिजन गर्व के साथ अपने बुजुर्गों या परिवार के वीर जवानों के मेडल सीने पर सजाकर समारोहों में शामिल होते हैं। यह न सिर्फ उस सैनिक के प्रति सम्मान प्रकट करने का तरीका है, बल्कि नई पीढ़ी में देशप्रेम की भावना जगाने का भी एक बेहतरीन माध्यम है।
सेना से जुड़े एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "ये मेडल सिर्फ धातु के टुकड़े नहीं हैं, बल्कि यह उस कठिन परिश्रम, अनुशासन और बलिदान की गाथा हैं जो एक सैनिक अपने पूरे जीवन में देश के नाम कर देता है। इसलिए इन्हें पहनने के नियम भी उतने ही अनुशासित हैं।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या कोई भी रिश्तेदार सैनिक के मेडल पहन सकता है?
जी नहीं, मेडल पहनने का अधिकार केवल 'नेक्स्ट ऑफ किन' (NoK) यानी कानूनी और नजदीकी आश्रित परिवार के सदस्यों को ही है, वह भी तय नियमों और अवसरों के तहत।
2. क्या साधारण कपड़ों (Casual Dress) के साथ मेडल पहने जा सकते हैं?
बिल्कुल नहीं। सेना के नियमों के अनुसार, मेडल पहनते समय उचित फॉर्मल सिविल ड्रेस पहनना अनिवार्य है ताकि पदकों की गरिमा बनी रहे।
3. क्या एक से ज्यादा परिवार के सदस्य एक ही समय पर मेडल पहन सकते हैं?
नहीं, यदि एक ही सेट या मेडल उपलब्ध हैं, तो सेवा सदस्य या NoK में से केवल एक ही व्यक्ति इसे धारण कर सकता है।