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जनता दर्शन: DM सत्येंद्र कुमार का सख्त आदेश, शिकायतों के निस्तारण में कोताही बर्दाश्त नहीं

जनता दर्शन: DM सत्येंद्र कुमार का सख्त आदेश, शिकायतों के निस्तारण में कोताही बर्दाश्त नहीं

जनता की समस्याओं पर सीधी नजर: कलेक्ट्रेट में डीएम ने सुनीं फरियादियों की व्यथा

वाराणसी में प्रशासन की कार्यशैली अब और भी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह होती नजर आ रही है। हाल ही में कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आम जनता की समस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि उनके त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश भी जारी किए।

जिलाधिकारी का मानना है कि प्रशासनिक अधिकारी और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी उद्देश्य के साथ, उन्होंने कलेक्ट्रेट में आए हर एक फरियादी के पास जाकर उनकी समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से समझा।

शिकायतों के निस्तारण में 'समय सीमा' और 'गुणवत्ता' पर जोर

जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिकायतों का केवल निस्तारण करना ही काफी नहीं है, बल्कि वह निस्तारण 'संतुष्टिपरक' होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

  • समयबद्धता: हर शिकायत का समाधान एक निश्चित समय सीमा के भीतर होना चाहिए।
  • गुणवत्तापूर्ण समाधान: निस्तारण ऐसा हो जिससे फरियादी दोबारा शिकायत लेकर न आए।
  • पारदर्शिता: निस्तारण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह निर्देश विशेष रूप से उन आवेदनों के लिए है जो लंबे समय से विभिन्न विभागों की फाइलों में दबे हुए थे।

फरियादियों के लिए राहत की उम्मीद

जनता दर्शन में जनपद के सुदूर क्षेत्रों से आए लोग अपनी जमीन संबंधी विवाद, राशन कार्ड, पेंशन, और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन पर निर्देश दिए और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के लिए निर्देश जारी किए।

"प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है। यदि कोई भी अधिकारी कार्य में कोताही बरतता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जनता की संतुष्टि ही हमारे काम का पैमाना है।" - सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी, वाराणसी।

प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक कदम

वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण जनपद में, जहां रोज सैकड़ों लोग अपनी समस्याओं के साथ प्रशासन के पास आते हैं, जनता दर्शन जैसे कार्यक्रमों का महत्व बढ़ जाता है। यह न केवल लोगों का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिलाता है कि उनकी आवाज शासन के शीर्ष स्तर तक पहुंच रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या जनता दर्शन में कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या रख सकता है?

जी हां, जनता दर्शन में जनपद का कोई भी नागरिक अपनी व्यक्तिगत या सार्वजनिक समस्या लेकर जिलाधिकारी से मिल सकता है।

शिकायत के निस्तारण की स्थिति कैसे पता करें?

फरियादी को अक्सर निस्तारण के बाद संबंधित कार्यालय या जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) के माध्यम से जानकारी प्राप्त होती है। आप संबंधित विभाग से 'संदर्भ संख्या' (Reference Number) के जरिए फॉलो-अप ले सकते हैं।

क्या जनता दर्शन के लिए पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता होती है?

आमतौर पर जनता दर्शन में आने के लिए कोई पूर्व पंजीकरण आवश्यक नहीं होता, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने और उचित व्यवस्था के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय के रिसेप्शन पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना उचित रहता है।

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रिपोर्टर: Kavya Tripathi

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