देश की सेवा करने का जज्बा अगर पक्का हो, तो रास्ते की हर रुकावट खुद-ब-खुद हट जाती है। इस बात को एक बार फिर से साबित कर दिखाया है झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद के रहने वाले होनहार युवा ऋषभ ने। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर ऋषभ ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और सही दिशा में किया गया प्रयास कभी बेकार नहीं जाता। अब ऋषभ सीमा सुरक्षा बल (BSF) में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में देश की सीमाओं की रक्षा करते नजर आएंगे।
बचपन से था देश की सेवा का जुनून
ऋषभ की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। इसके पीछे वर्षों का कड़ा संघर्ष, अनुशासन और अटूट समर्पण छिपा है। उनके करीबियों के अनुसार, ऋषभ को बचपन से ही भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की वर्दी से गहरा लगाव था। उनके मन में हमेशा से यह बात स्पष्ट थी कि उन्हें अपने देश के लिए कुछ ऐसा करना है जो समाज और राष्ट्र के निर्माण में सीधे तौर पर मददगार साबित हो। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद ही उन्होंने ठान लिया था कि वे सिविल सर्विसेज या डिफेंस सेक्टर में ही अपना करियर बनाएंगे।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई की रणनीति को बेहद मजबूत रखा। सामान्यत: इस परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र बड़े महानगरों का रुख करते हैं, लेकिन ऋषभ ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर अपनी तैयारी को एक नई दिशा दी। रोजाना घंटों की पढ़ाई, मॉक टेस्ट्स का नियमित अभ्यास और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का गहराई से विश्लेषण उनकी सफलता का मुख्य आधार रहा।
UPSC CAPF परीक्षा की कठिन चुनौती
आपको बता दें कि यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली CAPF (Assistant Commandant) परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक है। इसमें लिखित परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET), मेडिकल टेस्ट और अंत में इंटरव्यू का कठिन दौर होता है। इस पूरी प्रक्रिया को पार करना किसी भी उम्मीदवार के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से एक बड़ी चुनौती होती है।
ऋषभ ने न केवल लिखित परीक्षा में बेहतरीन अंक प्राप्त किए, बल्कि शारीरिक और साक्षात्कार के चरणों में भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उनकी इस सफलता पर पूरे धनबाद जिले में खुशी का माहौल है। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्त्रोत
ऋषभ की यह कामयाबी उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। आज के समय में जहां युवा अक्सर असफलताओं से घबराकर अपना रास्ता बदल लेते हैं, वहीं ऋषभ का सफर यह सिखाता है कि निरंतरता और धैर्य के साथ अगर आगे बढ़ा जाए, तो सफलता एक दिन जरूर मिलती है।
सफलता के मुख्य बिंदु:
- कड़ी मेहनत और अनुशासन: रोजाना तय समय पर पढ़ाई और विषयों की गहरी समझ।
- शारीरिक और मानसिक फिटनेस: CAPF के कड़े फिजिकल टेस्ट के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखना।
- परिवार का समर्थन: मुश्किल समय में परिजनों का अटूट विश्वास और प्रोत्साहन।
अब BSF में संभालेंगे मोर्चा
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ऋषभ सीमा सुरक्षा बल (BSF) में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट अपनी सेवाएं देंगे। देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करना एक बेहद जिम्मेदारी भरा काम है, और ऋषभ इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके माता-पिता और गुरुजनों का कहना है कि ऋषभ हमेशा से एक जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक रहे हैं, और वे अपनी इस नई भूमिका में भी देश का नाम रोशन करेंगे।
धनबाद की माटी से निकलकर देश के एक प्रतिष्ठित सुरक्षा बल में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाले ऋषभ की यह कहानी उन सभी नौजवानों के दिलों में देशप्रेम की अलख जगाती है जो देश की खातिर कुछ कर गुजरने की इच्छा रखते हैं।
