महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। 250 फीट गहरी खाई से कूदकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान जाने की इस घटना में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इस दुखद हादसे ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, जब मृतक लड़के की मां का एक पुराना वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया है। इस खुलासे के बाद पुलिस की जांच का दायरा अब संपत्ति विवाद और पारिवारिक कलह की तरफ मुड़ गया है।
क्या थी पूरी घटना?
यह दिल दहला देने वाली घटना कुछ दिनों पहले छत्रपति संभाजीनगर में घटी थी। 19 साल का कुणाल चंदगुडे नामक युवक एक ऊंची पहाड़ी की 250 फीट गहरी खाई के किनारे खड़ा हो गया था और लगातार आत्महत्या करने की धमकी दे रहा था। इस दौरान मौके पर उसके माता-पिता—मुरलीधर और संगीता—भी मौजूद थे। दोनों ने अपने बेटे को घंटों तक समझाने की कोशिश की और उससे वापस आने की मिन्नतें कीं।
जब कुणाल फिसलने लगा, तो उसके पिता ने उसे बचाने के लिए उसका हाथ पकड़ लिया। लेकिन दुर्भाग्यवश, दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे खाई में गिर गए। अपने पति और बेटे को आंखों के सामने इस तरह गिरते देख सदमे में डूबी मां संगीता ने भी पलक झपकते ही खाई में छलांग लगा दी। इस हृदयविदारक हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
आईफोन की ईएमआई और पारिवारिक तनाव
शुरुआती जांच में यह सामने आया था कि कुणाल ने हाल ही में एक नया एप्पल आईफोन (Apple iPhone) खरीदा था, जिसकी किश्तें (EMIs) चुकाने को लेकर वह काफी तनाव में था। घटना वाले दिन यानी शुक्रवार की सुबह ही उसका अपने पिता के साथ इस बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वह गुस्से में घर से निकलकर सीधे उस खतरनाक पहाड़ी पर पहुंच गया था।
हालांकि, पुलिस की गहराई से चल रही जांच में अब कुछ और ही संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के हवाले से यह बात भी सामने आई है कि कुणाल ने ठीक एक साल पहले भी उसी जगह पर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। इससे यह साफ होता है कि मामला सिर्फ एक फोन की किश्त का नहीं, बल्कि इसके पीछे कुछ गहरी मानसिक या पारिवारिक उलझनें थीं।
मां के वायरल पोस्ट ने खोले कई गहरे राज
इस पूरे मामले को एक नया मोड़ तब मिला जब मृतक की मां संगीता का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो पुलिस के हाथ लगा। इस पोस्ट में उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन जो शब्द लिखे वे बेहद गंभीर और डरावने थे। संगीता ने लिखा था:
"तुमने मेरे और मेरे बेटे के अधिकार छीन लिए, सब कुछ संपत्ति (प्रॉपर्टी) के लिए। तुमने कभी भाइयों और माता-पिता को एक साथ नहीं रहने दिया। तुमने मेरा हंसता-खेलता परिवार बर्बाद कर दिया। तुमने मेरे परिवार में जहर घोल दिया... तुमने मेरे बेटे को उसके माता-पिता से अलग कर दिया। तुम्हारी अगली सात पीढ़ियां भुगतेंगी। यह मेरा श्राप है।"
इस रहस्यमयी पोस्ट में किसी का नाम स्पष्ट नहीं था, लेकिन इसके शब्दों से यह साफ जाहिर होता है कि परिवार के भीतर संपत्ति और आपसी रिश्तों को लेकर कोई बहुत बड़ा विवाद चल रहा था, जो अंदर ही अंदर इस परिवार को खोखला कर रहा था।
बड़े बेटे की मौत और घर में बढ़ता तनाव
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस परिवार पर दुखों का पहाड़ पहले ही टूट चुका था। करीब छह साल पहले इस दंपत्ति के बड़े बेटे की एक गंभीर बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उस बड़ी त्रासदी के बाद से ही घर में कलह और तनाव का माहौल रहना शुरू हो गया था।
घर के इस बढ़ते तनाव और कलह से बचने के लिए पिता मुरलीधर ने अपने काम में पूरी तरह से खुद को डुबो लिया था। स्थिति यह थी कि वह महीनों तक घर नहीं लौटते थे। लेकिन सबसे दिलचस्प और दुखद बात यह है कि इस पूरी घटना से ठीक दो दिन पहले ही मुरलीधर तीन महीने बाद अपने घर लौटे थे। उनके वापस लौटने के बाद घर का तनाव और अधिक बढ़ गया था, जिसके कुछ ही घंटों बाद यह भयानक त्रासदी घटित हो गई।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
फिलहाल, छत्रपति संभाजीनगर पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संगीता के उस सोशल मीडिया पोस्ट का निशाना असल में कौन था। क्या परिवार में किसी संपत्ति विवाद ने इस हंसते-खेलते परिवार को लील लिया? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस रिश्तेदारों, पड़ोसियों और करीबियों से पूछताछ कर रही है।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के अंत की कहानी है, बल्कि यह इस बात का भी गहरा उदाहरण है कि मानसिक स्वास्थ्य, घरेलू कलह और अनसुलझे पारिवारिक विवाद किस हद तक किसी इंसान को खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर सकते हैं।
