उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में इन दिनों त्योहारों की रौनक चरम पर है। इसी कड़ी में मुगलसराय पड़ाव क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में 12 रबिअव्वल का पर्व बेहद हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) के इस मुबारक मौके पर इलाके के लोगों में एक अलग ही उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। इस पर्व ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की असली ताकत यहां की आपसी भाईचारा और सौहार्द है।
हजारों की संख्या में उमड़े लोग, निकला शानदार जुलूस
12 रबिअव्वल के इस पवित्र अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से जुलूस निकाले गए। चंदौली के चौरहट, सिमरा, बहादुरपुर, जलीलपुर और कटेसर समेत कई गांवों के लोगों ने बढ़-चढ़कर इस आयोजन में हिस्सा लिया। जुलूस में शामिल होने के लिए सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। हर कोई पैगंबर साहब की शान में नात-ए-पाक पढ़ते हुए और अमन का पैगाम देते हुए आगे बढ़ रहा था।
जुलूस के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। हालांकि, सबसे खूबसूरत बात यह रही कि इस पूरे आयोजन में समाज के हर वर्ग के लोगों ने एक-दूसरे का सहयोग किया, जो क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करता है।
आपसी भाईचारे और सौहार्द की अनूठी मिसाल
विशेषज्ञों और स्थानीय बुजुर्गों का मानना है कि ऐसे त्यौहार समाज को जोड़ने का काम करते हैं। 12 रबिअव्वल का दिन केवल जश्न मनाने का नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उन शिक्षाओं को याद करने का है, जो मानवता, दया, करुणा और शांति का पाठ पढ़ाती हैं।"त्योहार हमारे समाज की असली ताकत हैं। जब लोग जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होते हैं, तो देश मजबूत होता है। चंदौली के इन गांवों ने आज साबित कर दिया कि हमारे यहां आपसी प्रेम सर्वोपरि है।"
विभिन्न गांवों की रही खास भागीदारी
इस बार के जुलूस की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि हर गांव ने अपनी अनूठी परंपरा और अनुशासन के साथ इसमें शिरकत की।
- चौरहट और सेमरा: यहां के युवाओं ने जुलूस में अनुशासन की मिसाल पेश की और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने में पुलिस की मदद की।
- बहादुरपुर और जलीलपुर: इन इलाकों में पैगंबर साहब की जीवनी पर आधारित छोटी-छोटी सभाओं का आयोजन किया गया, जहां लोगों को उनके द्वारा बताए गए भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।
- कटेसर: कटेसर गांव से आए जत्थे ने पारंपरिक तरीकों से जुलूस की शोभा बढ़ाई और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था
किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन में सुरक्षा एक बड़ा पहलू होती है। चंदौली पुलिस प्रशासन ने मुगलसराय पड़ाव क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किए गए थे ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन के इस सहयोग की सराहना की और शांतिपूर्ण तरीके से त्यौहार को संपन्न कराया।
