भारत में मौसम बदलते ही खेतों, बगीचों और यहां तक कि घरों के आसपास सांपों की चहलकदमी बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में अचानक सांप सामने आ जाने पर डरना स्वाभाविक है, लेकिन घबराहट और अधूरी जानकारी किसी हादसे का कारण बन सकती है। भारत में हर साल हजारों लोग सांप के डसने से जान गंवाते हैं, जिनमें से ज्यादातर मौतों की वजह सही समय पर प्राथमिक उपचार न मिलना और झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाना है।
भारत में पाए जाने वाले खतरनाक सांप: जानें 'बिग फोर' के बारे में
क्या आप जानते हैं कि भारत में पाई जाने वाली सांपों की सैकड़ों प्रजातियों में से सिर्फ 20-25 प्रतिशत ही जहरीली होती हैं? मुख्य रूप से चार ऐसे सांप हैं जिनके काटने से जान को सबसे ज्यादा खतरा होता है, इन्हें 'बिग फोर' (Big Four) कहा जाता है:
- स्पेक्टेकल्ड कोबरा (नाग): यह अपने फन और खतरनाक न्यूरोटॉक्सिक जहर के लिए जाना जाता है।
- कॉमन करैत: यह रात के समय सक्रिय होता है। इसका डंक इतना हल्का होता है कि सोते हुए इंसान को पता भी नहीं चलता।
- रसेल्स वाइपर: यह सांप बहुत तेज सीटी जैसी आवाज निकालता है और इसका जहर खून में थक्के जमा देता है।
- सो-स्केल्ड वाइपर: आकार में छोटा होने के बावजूद यह बेहद आक्रामक और विषैला होता है।
सांप दिखने पर तुरंत क्या करें?
अगर आपके घर या आसपास अचानक सांप निकल आए, तो सबसे पहले खुद को और दूसरों को सुरक्षित करें। इन बातों का खास ध्यान रखें:
1. दूरी बनाएं: सांप से कम से कम 5 से 6 फीट की दूरी बनाए रखें। वह केवल तभी हमला करता है जब उसे खतरा महसूस हो।
2. कोई हलचल न करें: यदि सांप बहुत करीब है, तो अचानक भागने के बजाय धीरे-धीरे पीछे हटें।
3. पकड़ने या मारने की कोशिश न करें: लकड़ी से मारने या पकड़ने की कोशिश में ही सबसे ज्यादा लोग सांप के शिकार बनते हैं। तुरंत स्नेक सेवर या वन विभाग को फोन करें।
सांप काटने पर कभी न करें ये गलतियां
हमारे समाज में सांप के काटने को लेकर कई भ्रांतियां फैली हुई हैं। समय रहते सही जानकारी होना ही जान बचा सकता है:
बड़ा भ्रम: जहां सांप ने काटा है, वहां चीरा लगाना या मुंह से जहर चूसकर बाहर निकालना। फिल्मों में दिखाया जाने वाला यह तरीका बेहद खतरनाक है, इससे जहर और तेजी से शरीर में फैल सकता है।
- प्रभावित अंग को कसकर कपड़े या रस्सी से न बांधें, इससे रक्त संचार रुकने से अंग सड़ सकता है।
- पीड़ित को झाड़-फूंक या तांत्रिक के पास ले जाकर समय बर्बाद न करें।
- पीड़ित व्यक्ति को चाय, कॉफी, शराब या कोई दवा न दें।
सांप के डसने पर सही प्राथमिक उपचार (First Aid)
अगर किसी को सांप काट ले, तो सबसे पहले उसे शांत रखें। डर के कारण दिल की धड़कन तेज होती है, जिससे जहर पूरे शरीर में तेजी से फैलता है। मरीज को स्थिर बैठाएं या लिटाएं और प्रभावित हिस्से को बिना हिलाए-डुलाए सीधा रखें। बिना कोई समय गंवाए मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom - ASV) की सुविधा उपलब्ध हो। समय पर मिला एंटी-वेनम ही मरीज की जान बचा सकता है।