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अमेरिका का बड़ा वार, कनाडा का पलटवार: आज लगेगा भारी टैरिफ

अमेरिका का बड़ा वार, कनाडा का पलटवार: आज लगेगा भारी टैरिफ

वैश्विक कूटनीति और व्यापार जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर उत्तर अमेरिका से आ रही है। अमेरिका और कनाडा के बीच दशकों पुराना और मजबूत व्यापारिक रिश्ता अब एक खतरनाक ट्रेड वॉर में बदल चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी धमकियों और 50 प्रतिशत तक के नए टैरिफ ऐलान के बाद, कनाडा ने भी आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। आज यानी मंगलवार को ओटावा सरकार अमेरिका के खिलाफ बड़े और कड़े जवाबी टैरिफ (Retaliatory Tariffs) का ऐलान करने जा रही है।

यह पूरा विवाद तब भड़का जब पिछले हफ्ते कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप प्रशासन के साथ चल रही ट्रेड वार्ताओं को बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और आर्थिक धमकियों का दौर शुरू हो गया, जो अब अपने चरम पर पहुंच चुका है।

'कनाडा अमेरिका की कोई सब्सिडियरी नहीं है'

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वाशिंगटन के रुख पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दो टूक कहा कि अमेरिका यह मानकर चल रहा था कि कनाडा उसकी कोई सब्सिडियरी (सहायक कंपनी) है, जिसे हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे। कार्नी ने अपनी बात को फ्रेंच भाषा में रखते हुए और भी आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी बातचीत के दौरान कनाडा के मुख्य उद्योगों—विशेषकर ऑटोमोबाइल, स्टील और एल्युमिनियम—को पूरी तरह खत्म करना चाहते थे।

कार्नी के मुताबिक, अमेरिका की मंशा कनाडा की अर्थव्यवस्था को अपनी गोद में लेने और स्थानीय उत्पादन को धीरे-धीरे नेस्तनाबूद करने की थी। यही वजह थी कि कनाडा ने इस 'बुरे समझौते' को सिरे से खारिज कर दिया।

ट्रंप का आक्रामक रुख और व्यक्तिगत हमले

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा पर वर्षों से अमेरिका को लूटने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि कनाडा ने अमेरिकी किसानों पर अत्यधिक और हास्यास्पद रूप से उच्च टैरिफ लगा रखे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि कनाडा ने घुटने नहीं टेके और समझौते के दायरे में नहीं आया, तो उसे मौजूदा टैरिफ से भी 'कहीं अधिक बुरे' परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

विवाद तब और व्यक्तिगत हो गया जब ट्रंप ने ओटारियो के प्रीमियर (मुख्यमंत्री) डग फोर्ड पर निशाना साधते हुए उन्हें उनके दिवंगत भाई रॉब फोर्ड की तुलना में 'कम करिश्माई और कम बुद्धिमान' बताया। साथ ही, ट्रंप ने एक बार फिर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को 'गवर्नर कार्नी' कहकर संबोधित किया। हालांकि, डग फोर्ड ने इन व्यक्तिगत हमलों को खारिज करते हुए कहा, "अगर आपको लगता है कि उनके किसी insult से मुझे फर्क पड़ता है, तो मैदान में आ जाओ, मैं तैयार हूं।"

'सब कुछ मेज पर है': ओटारियो के प्रीमियर की बड़ी चेतावनी

ओटारियो प्रांत के प्रीमियर डग फोर्ड ने साफ कर दिया है कि कनाडा का राजनीतिक नेतृत्व इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है, भले ही उनकी पार्टियां अलग हों। फोर्ड ने चेतावनी दी कि अगर यह विवाद और आगे बढ़ा, तो ओटारियो अमेरिका को दी जाने वाली बिजली और क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) की सप्लाई तक काट सकता है।

फोर्ड ने इंटरव्यू में कहा, "हम अमेरिका के 15 लाख घरों और व्यवसायों को बिजली देते हैं। सब कुछ मेज पर है। हम आर्थिक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इसके लिए कड़ा आर्थिक दर्द सहने को भी तैयार हैं।" गौरतलब है कि ओटारियो कनाडा के ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र है, जहां फोर्ड, जनरल मोटर्स और स्टेलेंटिस जैसी बड़ी कंपनियों के कारखाने मिशिगन और अन्य अमेरिकी राज्यों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं।

ग्लोबल सप्लाई चेन पर मंडराया संकट

अमेरिका और कनाडा के बीच दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक संबंधों में से एक है। ऑटोमोबाइल, एनर्जी, एग्रीकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के सप्लाई चेन दोनों देशों में इस तरह आपस में गुंथे हुए हैं कि इस लंबे ट्रेड वॉर का सीधा असर आम जनता और उद्योगों की जेब पर पड़ेगा।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वैश्विक स्तर पर नए साझेदारों की तलाश की बात कहते हुए यहां तक कह दिया कि आज की तारीख में कनाडा को दुनिया भर में भरोसेमंद साझेदार मिल रहे हैं, सिवाय संयुक्त राष्ट्र अमेरिका और रूस के।

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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor (विदेश खबरें)

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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