उत्तर प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं के लिए एक बेहद राहतभरी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य की योगी सरकार ने 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को यूपी रोडवेज की बसों में मुफ्त सफर का बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। अब वरिष्ठ महिलाओं को सफर के दौरान बस टिकट के पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
100 करोड़ रुपये का किया गया विशेष प्रावधान
इस शानदार सुविधा को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष के प्रथम अनुपूरक बजट में बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की प्रतिपूर्ति के मद में 100 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान कर दिया गया है।
सरकार के इस कदम से प्रदेश की लाखों बुजुर्ग माताएं-बहनें अब बिना किसी आर्थिक तंगी के धार्मिक स्थलों के दर्शन, अस्पताल की यात्रा या अपने रिश्तेदारों के घर आसानी से आ-जा सकेंगी।
परिवहन मंत्री बोले: 'बढ़ेगी महिलाओं की आत्मनिर्भरता'
इस फैसले पर खुशी जताते हुए प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने कहा कि फ्री यात्रा सेवा से वरिष्ठ महिलाओं को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अपनी सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समाज में उनके सम्मान और स्वावलंबन को एक नई मजबूती मिलेगी।
महिला एवं बाल कल्याण के लिए भी खुला खजाना
सरकार ने सिर्फ यात्रा ही मुफ्त नहीं की है, बल्कि महिला एवं बाल विकास से जुड़ी अन्य योजनाओं के लिए भी दिल खोलकर बजट आवंटित किया है। महिला कल्याण विभाग को अनुपूरक बजट में कुल 1094.40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि दी गई है।
जानिए किस योजना को मिली कितनी राशि:
- निराश्रित महिला पेंशन योजना: पति के निधन के बाद आर्थिक संकट से गुजर रही पात्र महिलाओं की मदद के लिए सबसे बड़ा हिस्सा 930 करोड़ रुपये का रखा गया है।
- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: अनाथ और बेसहारा बच्चों की शिक्षा और देखभाल के लिए 110 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है।
- रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष: पीड़ित महिलाओं और बच्चों को त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से 54.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री शक्ति समृद्धि योजना: महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए इस योजना में 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह अनुपूरक बजट राज्य की महिलाओं को सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और सम्मान दिलाने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम साबित होने वाला है।