सोशल मीडिया पर सतर्क रहें: लड़की की आवाज निकाल युवक से की लाखों की ठगी
आज के दौर में सोशल मीडिया सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि ठगों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने सभी को हैरान कर दिया है, जहाँ एक युवक ने स्नैपचैट (Snapchat) पर लड़की की आवाज निकालकर और खुद को एनआरआई (NRI) बताकर एक युवक को अपना शिकार बनाया। मोहाली के रहने वाले इस शातिर आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया का वीजा लगवाने का झांसा देकर पीड़ित से 2.39 लाख रुपये ऐंठ लिए।
क्या था पूरा मामला?
पीड़ित मनजोत सिंह, जो पंजाब के जगराओं के गांव कुलार का निवासी है, विदेश जाकर अपना भविष्य संवारना चाहता था। 13 मई 2026 को उसे स्नैपचैट पर एक अनजान आईडी से मैसेज आया। इस मैसेज में ऑस्ट्रेलिया का वीजा लगवाने का प्रलोभन दिया गया था। मनजोत ने जैसे ही बातचीत शुरू की, उसे जाल में फंसा लिया गया।
महिला बनकर और दादी बनकर बुना जाल
आरोपी ने खुद को 'बरकत कौर गिल' नाम की एक एनआरआई महिला बताया, जो ऑस्ट्रेलिया में रहती है। उसने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया:
- महिला की आवाज: आरोपी ने खुद लड़की की आवाज में बातचीत की ताकि पीड़ित को कोई शक न हो।
- दादी का किरदार: पीड़ित को भरोसे में लेने के लिए आरोपी ने एक बुजुर्ग महिला की आवाज में फोन कर खुद को 'दादी' बताया और अपनी 'पोती' की बातों की पुष्टि की।
- किश्तों में वसूली: आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर, जैसे आईलेट्स सर्टिफिकेट और वीजा प्रोसेसिंग, पीड़ित से किश्तों में पैसे वसूलने शुरू किए।
कैसे हुआ ठगी का खुलासा?
आरोपी ने पीड़ित से कुल 2,39,750 रुपये हड़प लिए। अंत में उसने 24 मई को भारत आने का नाटक किया, लेकिन जैसे ही पैसे खाते में पहुंचे, उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। जब पीड़ित ने बार-बार संपर्क करने की कोशिश की और फोन बंद मिला, तब उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है।
साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पीड़ित मनजोत सिंह की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज किया। एएसआई जगरूप सिंह के नेतृत्व में जांच टीम ने तकनीकी सुरागों (Technical Evidence) का पीछा किया और आखिरकार मोहाली के कुराली निवासी अमन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस आरोपी ने अब तक कितने और लोगों को इस तरह के जाल में फंसाया है।
सोशल मीडिया पर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
इस घटना से हमें यह सीखने की जरूरत है कि ऑनलाइन किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यहाँ कुछ जरूरी टिप्स दिए गए हैं:
- अजनबियों से सतर्क रहें: सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ वित्तीय लेनदेन (Financial Transaction) बिल्कुल न करें।
- वेरिफिकेशन जरूरी: यदि कोई खुद को एनआरआई या विदेश में रहने वाला बता रहा है, तो उसकी बातों की सच्चाई की पुष्टि करें।
- आधिकारिक प्रक्रिया अपनाएं: वीजा या विदेश जाने से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए हमेशा अधिकृत एजेंटों (Authorized Agents) से ही संपर्क करें।
- साइबर सेल को सूचना दें: यदि आपको किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या ठगी का अंदेशा हो, तो तुरंत '1930' पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न: स्नैपचैट पर ठगी होने पर क्या करें?
उत्तर: यदि आपके साथ स्नैपचैट या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ठगी हुई है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और '1930' साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। साथ ही, नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दें।
प्रश्न: क्या विदेश जाने के लिए स्नैपचैट के माध्यम से बातचीत करना सुरक्षित है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। वीजा और इमिग्रेशन से जुड़ी गंभीर प्रक्रियाएं कभी भी सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं होती हैं। हमेशा सरकारी वेबसाइटों और आधिकारिक दूतावास (Embassy) की सलाह लें।