भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बुधवार का दिन राहत और उत्साह लेकर आया है। वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुझानों और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते घरेलू शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (BSE Sensex) शुरुआती कारोबार में 285 अंकों की छलांग लगाते हुए 77,944.02 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी हरे निशान में कारोबार करता नजर आया।
कच्चे तेल में गिरावट बनी सबसे बड़ा बूस्टर
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्रूड ऑयल के दाम हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रहे हैं। पिछले कई हफ्तों से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई की जो आशंकाएं बनी हुई थीं, वे अब कम होती दिख रही हैं। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) में 2.66 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 86.22 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, डब्लूटीआई (WTI) क्रूड पिछले दो सत्रों में 6 प्रतिशत से अधिक गिरकर 80-81 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान के माध्यम से ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ताओं के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर सप्लाई में रुकावट का खतरा कुछ कम हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर राहत की सांस ली जा रही है।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल: कौन से शेयर चमके?
शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार में चौतरफा लिवाली देखने को मिली। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी खासी तेजी दर्ज की गई।
बाजार के प्रमुख गेनर्स (Winners):
- आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank)
- बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv)
- एशियन पेंट्स (Asian Paints)
इन शेयरों में दिखा दबाव (Laggards):
दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा शेयरों में बिकवाली का दबाव भी देखा गया। इंफोसिस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) शुरुआती कारोबार में नुकसान में रहने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
विदेशी निवेशकों (FIIs) का समर्थन
घरेलू बाजार की इस तेजी में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सक्रियता ने भी अहम भूमिका निभाई है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को भारतीय बाजारों में 1,593.53 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विदेशी फंडों का यह इनफ्लो घरेलू निवेशकों के भरोसे को और मजबूत कर रहा है।
ग्लोबल मार्केट का भी मिला साथ
भारतीय बाजार से पहले अमेरिकी बाजार (Wall Street) मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। कम ऊर्जा कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण निवेशकों का जो जोखिम लेने का appetite (जोखिम उठाने की क्षमता) बढ़ा है, उसका असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
एनरिच मनी के सीईओ पोमुडी आर. के अनुसार, "क्रूड ऑयल इस समय बाजार के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव कैटलिस्ट बनकर उभरा है। तेल की कीमतों में नरमी से घरेलू बाजारों को निकट भविष्य में बड़ी राहत मिली है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों से महंगाई की चिंताएं बाजार पर हावी थीं।" वहीं, एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसेल्वम राधाकृष्णन का कहना है, "ब्रेंट क्रूड का पिछले हफ्ते के अपने 94 डॉलर के शिखर से गिरकर 85.5 डॉलर के आसपास आना घरेलू बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण विकास है। अमेरिकी बाजारों के मजबूत रुख ने भी वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल बनाया है।
