Breaking
► जैकी चैन की यह वॉच है बेहद अनोखी, मोटाई जानकर उड़ जाएंगे होश ► यूपी चुनाव 2027: मुगलसराय में मुकेश कुमार शर्मा को मिला भारी जनसमर्थन ► अक्षय खन्ना ने क्यों साइन की तेलुगु फिल्म 'महाकाली'? सामने आई बड़ी वजह ► दिल्ली में तेजी से पैर पसार रहा है H1N1 वायरस, जानिए क्यों खतरनाक हो रहा है इस बार का फ्लू ► चांग्ई-7 का लॉन्च क्यों हुआ टालना पड़ा? चांद के दक्षिणी ध्रुव का वो रहस्य, जिसे समझना है जरूरी ► श्रीलंका के खिलाफ ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल की जोड़ी ने मचाया गदर, टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया को मिला नया ट्रंप कार्ड ► ग्वालियर में प्यार का अजीबो-गरीब ड्रामा: कार पर छाप दिए 3400 किस, फिर हुआ कुछ ऐसा ► Sony Xperia 10 VIII लॉन्च: कम बदलाव और ज्यादा कीमत ने चौंकाया ► दिल्ली में महंगा हुआ प्याज: 15% उछले दाम, मदद को आ रही 'कांदा एक्सप्रेस' ► GTA 6 के नए लीक वीडियो ने मचाया तहलका, सुपरकार से लेकर न्यूडिस्ट कॉलोनी तक का फुटेज आया सामने ► जैकी चैन की यह वॉच है बेहद अनोखी, मोटाई जानकर उड़ जाएंगे होश ► यूपी चुनाव 2027: मुगलसराय में मुकेश कुमार शर्मा को मिला भारी जनसमर्थन ► अक्षय खन्ना ने क्यों साइन की तेलुगु फिल्म 'महाकाली'? सामने आई बड़ी वजह ► दिल्ली में तेजी से पैर पसार रहा है H1N1 वायरस, जानिए क्यों खतरनाक हो रहा है इस बार का फ्लू ► चांग्ई-7 का लॉन्च क्यों हुआ टालना पड़ा? चांद के दक्षिणी ध्रुव का वो रहस्य, जिसे समझना है जरूरी ► श्रीलंका के खिलाफ ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल की जोड़ी ने मचाया गदर, टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया को मिला नया ट्रंप कार्ड ► ग्वालियर में प्यार का अजीबो-गरीब ड्रामा: कार पर छाप दिए 3400 किस, फिर हुआ कुछ ऐसा ► Sony Xperia 10 VIII लॉन्च: कम बदलाव और ज्यादा कीमत ने चौंकाया ► दिल्ली में महंगा हुआ प्याज: 15% उछले दाम, मदद को आ रही 'कांदा एक्सप्रेस' ► GTA 6 के नए लीक वीडियो ने मचाया तहलका, सुपरकार से लेकर न्यूडिस्ट कॉलोनी तक का फुटेज आया सामने

श्रीलंका के खिलाफ ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल की जोड़ी ने मचाया गदर, टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया को मिला नया ट्रंप कार्ड

श्रीलंका के खिलाफ ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल की जोड़ी ने मचाया गदर, टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया को मिला नया ट्रंप कार्ड

क्रिकेट के मैदान पर कुछ पारियां सिर्फ स्कोरबोर्ड पर रन नहीं जोड़तीं, बल्कि विरोधियों के हौसले पस्त कर देती हैं। कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब श्रीलंका की टीम यह मानकर सोई होगी कि पहली पारी में अब ऋषभ पंत का तूफान थम चुका है। पिछले दिन हाथ में गंभीर चोट लगने के बाद पंत को 'रिटायर्ड हर्ट' होना पड़ा था। श्रीलंकाई खेमे में यह चर्चा आम थी कि पंत अगले दिन शायद ही बल्लेबाजी के लिए उतर पाएं। गेंदबाजी कोच रयान वान नीकेर्क भी यही सोच रहे थे कि सुबह के सत्र में नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जाएगा।

पंत की जांबाज वापसी और श्रीलंका की रणनीति धरी की धरी

लेकिन, खेल के दूसरे दिन सुबह के सत्र में महज़ 11 गेंदें ही फेंकी गई थीं कि ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल का साथ देने मैदान पर उतर आए। जिस खिलाड़ी के मैदान पर लौटने की उम्मीद न के बराबर थी, उसका इस तरह क्रीज पर आना किसी चमत्कार से कम नहीं था। यह वही पंत हैं जिन्होंने पिछले साल ओल्ड ट्रैफर्ड में टूटे हुए पैर के साथ भी सीढ़ियां उतरकर सबका दिल जीत लिया था। कोलंबो में हाथ की चोट उनके लिए उस दर्द के आगे कुछ भी नहीं थी।

मैदान पर आते ही पंत ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की हर चाल को नाकाम कर दिया। शार्ट गेंदों की बौछार की गई, फील्डिंग में बदलाव किए गए, लेकिन पंत ने हर चुनौती का डटकर सामना किया। शोल्डर पर बाउंसर लगने के बावजूद उनके तेवर कम नहीं हुए। उनकी इस आक्रामक शैली ने सारा ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जिसका फायदा दूसरे छोर पर खड़े ध्रुव जुरेल ने उठाया, जो बेहद शांत अंदाज में अपना खेल आगे बढ़ा रहे थे।

ध्रुव जुरेल: शांत स्वभाव और फौलादी तकनीक

ऋषभ पंत जहां अपनी तूफानी बल्लेबाजी से महफिल लूटते हैं, वहीं ध्रुव जुरेल का अंदाज चुपचाप आकर मैच का रुख पलटने का है। मॉडर्न टेस्ट क्रिकेट में जुरेल टीम इंडिया के लिए एक ऐसा कीमती हीरा साबित हो रहे हैं, जो अब स्पेशलिस्ट बल्लेबाज के तौर पर अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। कोलंबो टेस्ट में वह उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों में शामिल रहे जिन्होंने 100 से अधिक गेंदें खेलीं।

जुरेल की तकनीक की सबसे बड़ी खासियत उनका रक्षात्मक खेल और स्पिन के खिलाफ उनकी गजब की महारत है। श्रीलंका के स्पिनरों ने उन्हें काफी परेशान करने की कोशिश की, लेकिन जुरेल ने प्रभात जयसूर्या और अन्य गेंदबाजों के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क का नजारा पेश किया। पिच पर जैसे-जैसे टर्न बढ़ता गया, जुरेल की एकाग्रता और मजबूत होती गई।

क्या कहते हैं पूर्व बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर?

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर ने क्रिकबज से बातचीत में ध्रुव जुरेल की तारीफ करते हुए कहा, "वह लगभग एक परफेक्शनिस्ट की तरह हैं। उनकी तकनीक बेहद ठोस है, जो आजकल के दौर में कम ही देखने को मिलती है। आज के युवा खिलाड़ी ज्यादा शॉट खेलने और अलग-अलग क्षेत्रों में रन बनाने पर ध्यान देते हैं, लेकिन जुरेल की तकनीक में कोई स्पष्ट कमजोरी नजर नहीं आती।"

राठौर ने जुरेल की वर्क इथिक्स का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, "नेट्स में शानदार बल्लेबाजी करने के बाद भी वह संतुष्ट नहीं होते। वह आकर कहते हैं कि 'नहीं, कुछ तो ठीक नहीं है।' वह हमेशा सुधार करना चाहते हैं और लगातार नेट्स में पसीना बहाते हैं।"

एक साथ खेलना शुरू किया और बन गए संकटमोचन

ऑस्ट्रेलिया (2024) और इंग्लैंड (2025) के दौरों पर ए टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने के बाद जुरेल ने सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की की। एक समय था जब चयनकर्ताओं को पंत या जुरेल में से किसी एक को चुनना पड़ता था, लेकिन इन दोनों की शानदार फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट को 'पंत और जुरेल' दोनों को एक साथ मैदान पर उतारने के लिए मजबूर कर दिया।

कोलंबो टेस्ट में इन दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय मिडिल ऑर्डर आने वाले समय में दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

About the Author

गुंजा पांडेय

गुंजा पांडेय

Chief Sub Editor (Sports & Science)

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

Read More