क्या आपका पसंदीदा पान मसाला या गुटखा अब एक नए रूप में बाजार में आने वाला है? अगर आप इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद दिलचस्प है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश की तमाम पान मसाला और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को एक बड़ा झटका दिया है। अब इन कंपनियों के लिए अपने प्रोडक्ट्स की पैकिंग के तौर-तरीके पूरी तरह बदलने का समय आ गया है।
प्लास्टिक के इस्तेमाल पर चला FSSAI का हंटर
अब तक आपने देखा होगा कि पान मसाला और गुटखा के पाउच या डिब्बे प्लास्टिक या सिंथेटिक पॉलिमर से बने होते थे, जो पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा बनते जा रहे थे। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। FSSAI के नए और कड़े नियमों के मुताबिक, पान मसाला की पैकिंग में प्लास्टिक का खेल हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है।
प्राधिकरण ने साफ निर्देश दिए हैं कि कोई भी कंपनी अब पैकेजिंग के लिए प्लास्टिक या सिंथेटिक पॉलिमर का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को प्लास्टिक कचरे से बचाना और सिंगल-यूज प्लास्टिक के बढ़ते खतरे पर लगाम लगाना है।
किन चीज़ों के इस्तेमाल की मिली है अनुमति?
प्लास्टिक बैन होने के बाद अब कंपनियों के पास क्या विकल्प बचे हैं? यह एक बड़ा सवाल है। FSSAI ने प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों को अपनाने की छूट दी है।
- प्राकृतिक सामग्री: अब पेपर, पेपर बोर्ड और सेलूलोज जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से ही पैकेजिंग की अनुमति होगी।
- टिन और ग्लास: इसके अलावा, कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की पैकिंग के लिए टिन या ग्लास कंटेनर (कांच के जार) का भी इस्तेमाल कर सकेंगी।
पेपर और पैकेजिंग इंडस्ट्री के लिए सुनहरे दिन?
एक तरफ जहां पान मसाला और तंबाकू कंपनियों के लिए यह नियम एक बड़ी चुनौती बन गया है, वहीं दूसरी तरफ पेपर, पेपर बोर्ड और पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों के लिए यह किसी लॉटरी से कम नहीं है। प्लास्टिक की मांग घटने और प्राकृतिक पैकेजिंग की मांग अचानक बढ़ने से इस सेक्टर में भारी उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कंपनियों के सामने क्या हैं चुनौतियां?
विशेषज्ञों का मानना है कि रातों-रात अपनी पूरी मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग यूनिट को बदलना कंपनियों के लिए आसान नहीं होगा। इसके लिए भारी निवेश की जरूरत पड़ेगी। साथ ही, नमी से बचाने के लिए पेपर पैकेजिंग को और अधिक टिकाऊ बनाने पर भी काम करना होगा। हालांकि, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक बेहद ऐतिहासिक और सराहनीय कदम माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. FSSAI का नया पैकेजिंग नियम किससे संबंधित है?
यह नियम मुख्य रूप से पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की पैकेजिंग से जुड़ा है, जिसके तहत प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
Q2. क्या अब पान मसाला की पैकिंग में प्लास्टिक का इस्तेमाल हो सकता है?
बिल्कुल नहीं। FSSAI ने प्लास्टिक और सिंथेटिक पॉलिमर पैकेजिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
Q3. प्लास्टिक की जगह अब किन चीज़ों से पैकेजिंग होगी?
कंपनियां अब पेपर, पेपर बोर्ड, सेलूलोज, टिन या ग्लास कंटेनर का ही इस्तेमाल कर सकेंगी।