राजनीति की पिच पर कब कौन सा बयान भूचाल ले आए, कहा नहीं जा सकता। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर अपने तीखे तेवरों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार उन्होंने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राजभर ने ऐलान किया है कि आजमगढ़ में 50 हजार महिलाओं को लामबंद कर विपक्ष से तीखे सवाल पूछे जाएंगे।
बेलन और झाड़ू के साथ घेराव की तैयारी
आजमगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओपी राजभर ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है।
"चाहे कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, ये सभी दल संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के चुने जाने का अप्रत्यक्ष रूप से विरोध कर रहे हैं। हम चुप नहीं बैठेंगे। आजमगढ़ में 50 हजार महिलाओं को इकट्ठा किया जाएगा, जो हाथों में बेलन और झाड़ू लेकर इन नेताओं से सवाल करेंगी कि वे महिलाओं के हक का विरोध क्यों कर रहे हैं?" - ओम प्रकाश राजभर, मंत्री, यूपी सरकार
राजभर का मानना है कि जब मैदान में महिलाएं खुद उतरकर जवाब मांगेंगी, तब इन राजनीतिक दलों के लिए आगामी चुनावों में वोट मांगना बेहद मुश्किल हो जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब महिला सशक्तिकरण और आरक्षण को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ी हुई है।
संभल हिंसा पर भी सपा पर साधा निशाना
केवल महिला आरक्षण ही नहीं, बल्कि हालिया संभल हिंसा की रिपोर्ट को लेकर भी ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने पुराने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जब सूबे में सपा की सरकार हुआ करती थी, तब राज्य में एक हजार से ज्यादा दंगे हुए थे।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "दंगों में कभी कोई बड़ा नेता नहीं मरता, आम जनता पिसती है। सपा की संस्कृति ही ऐसी रही है और उनके नेताओं की सोच भी वैसी ही है। न्यायिक मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट सबके सामने आ चुकी है और उसमें दोषी पाए गए लोगों के नाम भी हैं। यदि उन्हें लगता है कि यह कोई साजिश है, तो वे दोबारा निष्पक्ष जांच करवा लें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
सपा का पलटवार: "राजभर जी को है इलाज की जरूरत"
कैबिनेट मंत्री के इस आक्रामक तेवर पर समाजवादी पार्टी ने भी तुरंत तीखी प्रतिक्रिया दी। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने पलटवार करते हुए कहा कि ओपी राजभर का मानसिक संतुलन अब ठीक नहीं चल रहा है।
- सपा प्रवक्ता ने कहा कि राजभर जी को अच्छे डॉक्टर से इलाज की सख्त जरूरत है।
- उन्होंने यह भी तंज कसा कि अगर मेडिकल इलाज से आराम न मिले, तो उन्हें तांत्रिक विद्या का भी सहारा लेना चाहिए ताकि उनका स्वास्थ्य सुधर सके।
- सपा ने उनके बयानों पर गहरी सहानुभूति जताते हुए कहा कि वे रोजाना अनाप-शनाप बयान देकर केवल सुर्खियां बटोरना चाहते हैं।
बहरहाल, राजभर के इस नए बयान ने यूपी की राजनीति में एक बार फिर तापमान बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाकई ज़मीन पर महिलाओं का यह विरोध प्रदर्शन देखने को मिलता है या यह सिर्फ सियासी जुबानी जंग बनकर रह जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में क्या चेतावनी दी है?
ओपी राजभर ने कहा है कि वे आजमगढ़ में 50 हजार महिलाओं को इकट्ठा करेंगे जो बेलन और झाड़ू लेकर विपक्षी दलों से महिला आरक्षण का विरोध करने का कारण पूछेंगी।
2. संभल हिंसा रिपोर्ट को लेकर राजभर ने सपा पर क्या आरोप लगाया?
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में दंगे आम बात थी और हालिया न्यायिक जांच रिपोर्ट में जो दोषी पाए गए हैं, उन पर सपा राजनीति कर रही है।
3. सपा ने राजभर के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने पलटवार करते हुए कहा कि राजभर को मानसिक इलाज की जरूरत है और वे सुर्खियों में रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं।