"एक सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। वर्दी भले ही उतर जाए, लेकिन देश और अपने साथी सैनिकों के प्रति उसका कर्तव्य जीवनभर बना रहता है।" इसी अटूट जज्बे के साथ भारतीय सेना के पूर्व सैनिक आज भी राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन्हीं में से एक बड़ा और सम्मानित नाम है—नसीम अहमद, जो वर्तमान में वेटरंस एसोसिएशन (पूर्व सैनिक संगठन) के राष्ट्रीय सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सेना के बाद अब हक और सम्मान की लड़ाई
भारतीय सेना में देश की रक्षा करने के बाद, नसीम अहमद जी ने अपने जीवन का दूसरा अध्याय पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है। संगठन की रीढ़ माने जाने वाले नसीम अहमद पूरे देश में बिखरे पूर्व सैनिकों को एक मंच पर लाने और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम पूरी मुस्तैदी से कर रहे हैं।
किन प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित है संघर्ष?
नसीम अहमद के नेतृत्व में वेटरंस एसोसिएशन ने देश के जवानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- OROP की विसंगतियां: 'वन रैंक वन पेंशन' की खामियों और पेंशन से जुड़ी समस्याओं को रक्षा मंत्रालय और सरकार के सामने मजबूती से रखना।
- ECHS स्वास्थ्य सेवाएं: पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए ईसीएचएस (ECHS) स्वास्थ्य योजनाओं को सुगम और पारदर्शी बनाना।
- वीर नारियों का कल्याण: शहीद सैनिकों की पत्नियों (वीरांगनाओं) को त्वरित कानूनी, वित्तीय और सामाजिक मदद सुनिश्चित करना।
- पुनर्वास व रोजगार: रिटायरमेंट के बाद जवानों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर दिलाना।
"हमारा एकमात्र मकसद हर पूर्व सैनिक और उसके परिवार को उसका सही हक और समाज में सिर उठाकर जीने का सम्मान दिलाना है।"
— नसीम अहमद (राष्ट्रीय सचिव, वेटरंस एसोसिएशन)
जमीनी जुड़ाव और अनुशासित कार्यशैली
सेना के कड़े अनुशासन को अपनी कार्यशैली में ढाल चुके नसीम अहमद केवल दफ्तरी दिशा-निर्देश देने में यकीन नहीं रखते। वे खुद धरातल पर उतरकर देश के कोने-कोने में जिला और राज्य इकाइयों को सक्रिय कर रहे हैं। दूर-दराज के गांवों में रहने वाले बुजुर्ग पेंशनरों की व्यक्तिगत समस्याएं सुनना और उनका त्वरित समाधान निकालना उनकी प्राथमिकता है।
डिजिटल पहल और भविष्य का दृष्टिकोण (Vision)
बदलते समय के साथ संगठन को आधुनिक बनाने के लिए नसीम अहमद अब एक 'डिजिटल सपोर्ट सिस्टम' विकसित करने पर काम कर रहे हैं। इस पहल से देश के किसी भी हिस्से में बैठा पूर्व सैनिक एक सिंगल क्लिक के जरिए अपनी समस्या दर्ज करा सकेगा और उसे तुरंत सहायता मिलेगी। इसके अलावा, वे देश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने और देशभक्ति के प्रति प्रेरित करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने की योजना भी बना रहे हैं।