नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर एक बार फिर बड़ा तनाव देखने को मिला है। लाल सागर (Red Sea) में यमन तट के करीब भारतीय झंडे वाले एक कमर्शियल पोत पर अचानक हमला कर दिया गया। गनीमत यह रही कि इस भयानक हमले के बावजूद पोत पर मौजूद सभी 13 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें सही सलामत बचा लिया गया है।
यमन तट के पास कैसे हुआ यह हादसा?
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, पोत अपनी तय सीमा में जलमार्ग से गुजर रहा था, तभी यमन के पास लाल सागर के संवेदनशील इलाके में इसे निशाना बनाया गया। हमले के तुरंत बाद आपातकालीन अलार्म बजाया गया और निकटतम सुरक्षा बलों को अलर्ट भेजा गया। नाविकों की त्वरित सूझबूझ और सुरक्षा एजेंसियों के हस्तक्षेप से स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया।
13 भारतीय क्रू मेंबर्स सुरक्षित
विदेश और रक्षा संबंधी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जहाज पर सवार सभी 13 क्रू मेंबर्स भारतीय नागरिक हैं। हमले में पोत को कुछ आंशिक नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन किसी भी भारतीय नाविक के घायल होने की खबर नहीं है। सभी नाविकों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है और उन्हें सुरक्षित गंतव्य की ओर ले जाया जा रहा है।
आखिर क्यों सुलग रहा है लाल सागर?
पिछले कुछ महीनों से लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं। यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाए जाने के कारण वैश्विक समुद्री व्यापार में भारी हलचल है।
- व्यापार मार्ग में बदलाव: इन हमलों के खतरे की वजह से कई अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अब अफ्रीका के लंबे 'केप ऑफ गुड होप' रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
- बढ़ी सुरक्षा चिंताएं: लाल सागर के रास्ते होने वाले क्रूड ऑयल और व्यापारिक सामानों की आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
भारतीय नौसेना की तत्परता और सख्त निगरानी
भारतीय नौसेना अरब सागर और लाल सागर क्षेत्र में पहले से ही अत्यधिक सतर्कता बरत रही है। भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नौसेना के युद्धपोत और मरीन सर्विलांस विमान लगातार गश्त लगा रहे हैं। इस ताजा घटना के बाद विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।