ताजमहल एक बार फिर से सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह शाहजहां और मुमताज की प्रेम कहानी नहीं, बल्कि सावन के महीने में हुआ एक धार्मिक अनुष्ठान और उसके बाद उपजा प्रशासनिक विवाद है। मोहब्बत की निशानी कहे जाने वाले इस ऐतिहासिक स्मारक के इर्द-गिर्द तनाव की परतें एक बार फिर गहरी होती नजर आ रही हैं। अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा ताजमहल के पास शिव चालीसा के पाठ और भगवा ध्वज लहराए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में और दर्ज मुकदमे के खिलाफ हिंदू महासभा ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के कार्यालय के बाहर जमकर हुंकार भरी। संगठन के कार्यकर्ताओं ने न केवल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि पुरातत्व अधीक्षक का पुतला भी फूंका। इस प्रदर्शन ने आगरा के प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
सावन के तीसरे सोमवार का विवाद और एफआईआर
पूरे विवाद की शुरुआत सावन के तीसरे सोमवार को हुई थी। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान अपने कुछ साथियों के साथ मेहताब बाग की तरफ पहुंचे थे। वहां से उन्होंने ताजमहल की दिशा में मुंह करके शिव चालीसा का पाठ किया और कथित तौर पर आरती व भगवा ध्वज लहराने का प्रयास किया। संगठन ने खुले तौर पर इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इसे 'तेजोमहालय' में पूजा-अर्चना का अधिकार पाने की दिशा में एक कदम बताया था।
इस घटना के तुरंत बाद एक्शन लेते हुए भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने कड़ा रुख अपनाया। विभाग की शिकायत पर थाना एत्माद्दोला में अज्जू चौहान और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई। स्मारक परिसर और उसके आसपास किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि के प्रतिबंध के नियमों के उल्लंघन के तहत यह कार्रवाई की गई है।
ASI कार्यालय पर फूटा गुस्सा: 'मुकदमा वापस लो'
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हिंदू महासभा के तेवर और तीखे हो गए हैं। बुधवार को संगठन के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में एएसआई कार्यालय पहुंच गए और वहां जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात पर भी था कि पुलिस और प्रशासन ने मामले में कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
प्रदर्शन के दौरान हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने प्रशासन को खुली चुनौती दी। उन्होंने सवाल उठाया, "जब मैंने सोशल मीडिया पर खुद वीडियो जारी करके इस पूरे कार्यक्रम की नैतिक जिम्मेदारी ली थी, तो पुलिस प्रशासन हमसे डर क्यों रहा है?" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदू महासभा ऐसे मुकदमों और पुलिसिया कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। यह तो महज एक शुरुआत है, और अगर जल्द ही ये मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो आंदोलन को और अधिक आक्रामक रूप दिया जाएगा।
'ताजमहल नहीं, तेजोमहालय है' - दोहराया पुराना दावा
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने पुरातत्व विभाग पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग का रवैया पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण और भेदभाव से भरा हुआ है। संगठन का यह पुराना और विवादास्पद दावा है कि ताजमहल मूल रूप से एक शिव मंदिर है, जिसे 'तेजोमहालय' कहा जाना चाहिए।
मीरा राठौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक उन्हें तेजोमहालय (ताजमहल) में पूजा-अर्चना करने का अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष कोर्ट से लेकर सड़क तक जारी रहेगा। उन्होंने साफ कर दिया कि मुकदमों की धमकियों से उनका हौसला टूटने वाला नहीं है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, प्रशासन की पैनी नजर
इस ताजा विवाद के सामने आने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और स्थानीय पुलिस प्रशासन की नींद उड़ गई है। ताजमहल देश की सबसे सुरक्षित और संवेदनशील ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। यही वजह है कि स्मारक के मुख्य द्वारों से लेकर अंदरूनी हिस्सों तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं।
- अतिरिक्त पुलिस बल तैनात: ASI कार्यालय और ताजमहल के आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है।
- इंटेलिजेंस एक्टिव: खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
- एंट्री गेट्स पर चेकिंग: पर्यटकों की सघन चेकिंग की जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित सामग्री या झंडा अंदर न ले जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शनों से शहर का माहौल प्रभावित हो सकता है, जिस पर प्रशासन की पैनी नजर है। आने वाले दिनों में हिंदू महासभा के अगले कदमों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन कोई भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं दिख रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: ताजमहल विवाद की ताजा वजह क्या है?
Ans: सावन के तीसरे सोमवार को हिंदू महासभा के नेताओं द्वारा मेहताब बाग के पास से ताजमहल की दिशा में शिव चालीसा का पाठ करने और भगवा ध्वज लहराने के प्रयास के बाद यह विवाद गरमाया है।
Q2: पुरातत्व विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
Ans: ASI की शिकायत पर थाना एत्माद्दोला में हिंदू महासभा के नेता अज्जू चौहान और उनके साथियों के खिलाफ धार्मिक नियमों के उल्लंघन और निषेधाज्ञा तोड़ने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
Q3: हिंदू महासभा की मुख्य मांग क्या है?
Ans: हिंदू महासभा कार्यकर्ताओं की मांग है कि उनके खिलाफ दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों को तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही वे ताजमहल को 'तेजोमहालय' मानकर वहां पूजा-अर्चना के अधिकार की मांग पर अड़े हैं।