Breaking
► IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच महामुकाबला, जानिए फुल स्कोरकार्ड और मैच का हाल ► गाले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का तूफानी शतक, श्रीलंका की सरजमीं पर भारत मजबूत ► 78 साल बाद चंदौली के इस मंदिर में गूंजा राष्ट्रगान, पूर्व फौजियों ने बिखेरा देशभक्ति का रंग ► वाराणसी MLC चुनाव: नारी वंदन के सहारे मैदान में उतरी बीजेपी, जानिए क्यों है यह बड़ी चुनौती ► NALSAR विवाद पर BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा का माफीनामा, छात्रों से की अपील ► वाराणसी के स्कूल में महिला से मारपीट का वीडियो वायरल, मची खलबली ► चंदौली में पुलिस महकमे में हड़कंप, लापरवाही पर एसपी आकाश पटेल ने की बड़ी कार्रवाई ► ए मेरे वतन के लोगों... क्या सिर्फ रस्म अदायगी है या वीरों का अपमान? एक पूर्व सैनिक का दर्द ► लाल किला भाषण पर अखिलेश का तंज: कहा- यह झूठ बोलने की जगह नहीं, 2027 में लागू हो महिला आरक्षण ► IND vs SL: केएल राहुल की चोट पर आया बड़ा अपडेट, जानकर फैंस ने ली राहत की सांस ► IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच महामुकाबला, जानिए फुल स्कोरकार्ड और मैच का हाल ► गाले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल का तूफानी शतक, श्रीलंका की सरजमीं पर भारत मजबूत ► 78 साल बाद चंदौली के इस मंदिर में गूंजा राष्ट्रगान, पूर्व फौजियों ने बिखेरा देशभक्ति का रंग ► वाराणसी MLC चुनाव: नारी वंदन के सहारे मैदान में उतरी बीजेपी, जानिए क्यों है यह बड़ी चुनौती ► NALSAR विवाद पर BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा का माफीनामा, छात्रों से की अपील ► वाराणसी के स्कूल में महिला से मारपीट का वीडियो वायरल, मची खलबली ► चंदौली में पुलिस महकमे में हड़कंप, लापरवाही पर एसपी आकाश पटेल ने की बड़ी कार्रवाई ► ए मेरे वतन के लोगों... क्या सिर्फ रस्म अदायगी है या वीरों का अपमान? एक पूर्व सैनिक का दर्द ► लाल किला भाषण पर अखिलेश का तंज: कहा- यह झूठ बोलने की जगह नहीं, 2027 में लागू हो महिला आरक्षण ► IND vs SL: केएल राहुल की चोट पर आया बड़ा अपडेट, जानकर फैंस ने ली राहत की सांस

हर हर महादेव के जयघोष के साथ काशी से बाबा धाम के लिए रवाना हुए शिवभक्त

हर हर महादेव के जयघोष के साथ काशी से बाबा धाम के लिए रवाना हुए शिवभक्त

सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही पूरा देश इस समय शिवमय हो चुका है। गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख शिवालयों तक केवल 'हर हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारे गूंज रहे हैं। इसी कड़ी में, बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी से एक बेहद मनमोहक और भक्ति से ओत-प्रोत तस्वीर सामने आई है। सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर वाराणसी के नदेसर स्थित रेगार्ड होटल से दर्जनों शिवभक्तों का जत्था झारखंड स्थित प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ धाम (बाबा धाम) के लिए रवाना हुआ।भक्ति में डूबी काशी, गूंजा 'हर हर महादेव'

यात्रा के आरंभ से ठीक पहले होटल परिसर और आसपास का पूरा इलाका हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। कांवड़ यात्रा पर निकलने से पहले सभी शिवभक्तों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान कांवड़ियों के चेहरे पर एक अलग ही उत्साह और ऊर्जा साफ देखने को मिल रही थी। केसरिया वस्त्रों में सजे इन श्रद्धालुओं का जत्था जब कांवड़ लेकर सड़कों पर उतरा, तो देखने वाले भी भक्ति के रंग में रंग गए।

करीब 120 किलोमीटर की होगी पैदल यात्रा

यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए रेगार्ड होटल के निदेशक शैलेश त्रिवेदी 'बबलू' ने बताया कि उनका यह समूह पिछले कई वर्षों से लगातार सावन के महीने में बाबा धाम की यात्रा पर जा रहा है।

"यह यात्रा हमारे लिए महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भगवान शिव के प्रति हमारी अटूट आस्था, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। हर साल इस यात्रा में शामिल होने वाले लोगों का उत्साह और संख्या दोनों लगातार बढ़ रही है।" - शैलेश त्रिवेदी, निदेशक

उन्होंने आगे बताया कि यह पूरी यात्रा लगभग पांच दिनों की होती है। बाबा धाम पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालु सुल्तानगंज या अन्य निर्धारित घाट से जल भरकर लगभग 120 किलोमीटर की कठिन पैदल कांवड़ यात्रा पूरी करते हैं और अंत में बाबा बैजनाथ को पवित्र गंगाजल अर्पित करते हैं।

कठिन रास्ते और अडिग विश्वास

  • कठिन परीक्षा: 120 किलोमीटर की यह पदयात्रा शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन शिवभक्तों का विश्वास हर कठिनाई को आसान बना देता है।
  • आपसी सौहार्द: यात्रा के दौरान कांवड़िए एक-दूसरे की मदद करते हैं और 'बोल बम' के नारे के साथ आगे बढ़ते हैं।
  • लोक कल्याण की कामना: यात्रा पर निकले इन भक्तों का मुख्य उद्देश्य अपने परिवार के साथ-साथ पूरे देश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है।

सावन के इस महीने में काशी से बाबा धाम के लिए रवाना हुआ यह जत्था एक बार फिर यह साबित करता है कि भारत में आस्था और परंपराओं की जड़ें कितनी गहरी हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने भी कांवड़ियों की इस यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: काशी से बाबा धाम की कांवड़ यात्रा कितने किलोमीटर की होती है?

Ans: जल भरने के बाद मुख्य पैदल कांवड़ यात्रा लगभग 120 किलोमीटर लंबी होती है, जिसे श्रद्धालु नंगे पैर तय करते हैं।

Q2: कांवड़िए किस महीने में अपनी यात्रा शुरू करते हैं?

Ans: कांवड़ यात्रा मुख्य रूप से हिंदू पंचांग के पवित्र सावन (श्रावण) मास में की जाती है।

Q3: वाराणसी में शिवभक्तों का यह जत्था कहां से रवाना हुआ?

Ans: यह जत्था वाराणसी के नदेसर स्थित रेगार्ड होटल से बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ।

✍️

रिपोर्टर: Kavya Tripathi

यह खबर हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च और प्रामाणिकता के साथ पब्लिश की गई है। हम आप तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।