Breaking
► यमन में भड़का युद्ध: सऊदी समर्थित सेना ने हूतियों के ठिकानों पर बोला तोप से हमला ► तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 6 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत ► Shehzad Poonawalla Resignation: भाजपा से इस्तीफा, मोदी के नेतृत्व पर भरोसा ► लखीसराय अशोकधाम मंदिर में भगदड़: अचानक मची चीख-पुकार, 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत ► तमिलनाडु में विजय की TVK सरकार के 100 दिन पूरे, सीएम ने दिया कामकाज का हिसाब ► तारापीठ मंदिर के पास बड़ा हादसा: होटल में भीषण आग, 7 तीर्थयात्रियों की जिंदा जलकर मौत ► चंदौली में बदल गई संपूर्ण समाधान दिवस की तारीख, अब इस दिन सुनी जाएंगी समस्याएं ► बर्थडे केक में निकली मरी छिपकली! खुशी का जश्न बदला मातम में, 11 लोग अस्पताल में भर्ती ► यूपी में आईपीएस की 95 वर्षीय मां की संदिग्ध मौत, पहले हार्ट अटैक बताया फिर उठी हत्या की आशंका ► नागपुर में बदला मौसम का मिजाज, रात की बारिश ने गिराया पारा; जानिए 22 अगस्त तक का हाल ► यमन में भड़का युद्ध: सऊदी समर्थित सेना ने हूतियों के ठिकानों पर बोला तोप से हमला ► तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 6 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत ► Shehzad Poonawalla Resignation: भाजपा से इस्तीफा, मोदी के नेतृत्व पर भरोसा ► लखीसराय अशोकधाम मंदिर में भगदड़: अचानक मची चीख-पुकार, 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत ► तमिलनाडु में विजय की TVK सरकार के 100 दिन पूरे, सीएम ने दिया कामकाज का हिसाब ► तारापीठ मंदिर के पास बड़ा हादसा: होटल में भीषण आग, 7 तीर्थयात्रियों की जिंदा जलकर मौत ► चंदौली में बदल गई संपूर्ण समाधान दिवस की तारीख, अब इस दिन सुनी जाएंगी समस्याएं ► बर्थडे केक में निकली मरी छिपकली! खुशी का जश्न बदला मातम में, 11 लोग अस्पताल में भर्ती ► यूपी में आईपीएस की 95 वर्षीय मां की संदिग्ध मौत, पहले हार्ट अटैक बताया फिर उठी हत्या की आशंका ► नागपुर में बदला मौसम का मिजाज, रात की बारिश ने गिराया पारा; जानिए 22 अगस्त तक का हाल

दिल्ली-एनसीआर में कांवड़ियों का सैलाब, घर से निकलने से पहले चेक करें ये ट्रैफिक एडवाइजरी

दिल्ली-एनसीआर में कांवड़ियों का सैलाब, घर से निकलने से पहले चेक करें ये ट्रैफिक एडवाइजरी

सावन का महीना चल रहा है और इस वक्त देशभर में भोलेनाथ की भक्ति का रंग चरम पर है। बात अगर राजधानी दिल्ली और एनसीआर (NCR) की करें, तो सड़कों पर इस वक्त सिर्फ एक ही नजारा देखने को मिल रहा है—भगवा वस्त्र पहने शिव भक्तों यानी कांवड़ियों का सैलाब। सावन की शिवरात्रि के पावन अवसर पर कांवड़ यात्रा अपने सबसे चरम पड़ाव पर है, जिसके चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है।

यदि आज आपका घर से बाहर निकलने का प्लान है, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए एक व्यापक एडवाइजरी जारी की है। आइए जानते हैं कि किन-किन रूटों पर आपको भारी जाम का सामना करना पड़ सकता है और प्रशासन ने क्या वैकल्पिक इंतजाम किए हैंइन प्रमुख रूट्स पर सबसे ज्यादा असरकांवड़ियों के भारी हुजूम और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच कई मुख्य मार्गों को डायवर्ट किया गया है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जिन रूट्स पर सबसे ज्यादा दबाव रहने की उम्मीद है, उनमें:

  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: गाजियाबाद और नोएडा क्षेत्र में इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं और गाड़ियां रेंग-रेंगकर चल रही हैं।कालिंदी कुंज और नोएडा-दिल्ली बॉर्डर: यहां कांवड़ियों की भारी आवाजाही के कारण आवागमन काफी धीमा है।
  • डीएनडी फ्लाईवे (DND Flyway): पीक आवर्स के दौरान यहां ट्रैफिक का दबाव बेहद अधिक रहने वाला है।
  • आश्रम-मथुरा रोड कॉरिडोर: आश्रम चौक, मथुरा रोड और बदरपुर बॉर्डर पर प्रतिबंधों के कारण सेंट्रल और साउथ दिल्ली जाने वाले वाहन प्रभावित हो रहे हैं।

यात्रियों के लिए ट्रैफिक पुलिस की खास सलाह

प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें:

"अस्पताल, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट जाने वाले यात्री अपनी सामान्य यात्रा के मुकाबले अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें। निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि जाम से बचा जा सके।"

सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए कई जगहों पर रूट डायवर्जन लगातार लागू किए जा रहे हैं। कांवड़ शिविरों और बड़े शिव मंदिरों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जिसके कारण रास्ते में अचानक रोक लग सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या दिल्ली-नोएडा रूट पूरी तरह बंद है?

रूट पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन कांवड़ियों की भारी संख्या के कारण ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है, जिससे भारी जाम लग रहा है।

Q2: इस स्थिति से बचने का सबसे अच्छा विकल्प क्या है?

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सड़क मार्ग के बजाय मेट्रो सेवा का उपयोग करें और घर से निकलने से पहले ट्रैफिक पुलिस के लाइव अपडेट्स जरूर चेक कर लें।Q3: जाम की स्थिति कब तक बनी रह सकती है?

शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के चरम पर होने के कारण, जलाभिषेक संपन्न होने तक रुक-रुक कर सड़कों पर भीड़ और जाम का असर देखने को मिल सकता है।



✍️

रिपोर्टर: Tannu Upadhyay

यह खबर हमारी एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च और प्रामाणिकता के साथ पब्लिश की गई है। हम आप तक सबसे सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।