गुजरात और राजस्थान में चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य मंत्रालय की चिंता बढ़ा दी है। इस खतरनाक संक्रमण के प्रकोप पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों राज्यों में उच्चस्तरीय विशेषज्ञ टीमों को रवाना कर दिया है।
यह केंद्रीय टीम स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर जमीनी हालात का जायजा लेगी और वायरस के फैलाव को रोकने के लिए आपातकालीन रणनीति तैयार करेगी।
जीनोम सीक्वेंसिंग और एनिमल टेस्टिंग पर जोर
देशभर में बीमारी के नए पैटर्न को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने निगरानी तंत्र को बेहद सख्त कर दिया है। वायरस के किसी भी म्यूटेशन का पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग और पशुओं की टेस्टिंग (animal testing) तेज कर दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते वायरस के वाहकों और कारणों का सटीक पता लगाना बेहद जरूरी है, ताकि इसे राष्ट्रीय स्तर पर फैलने से रोका जा सके।
क्या है चांदीपुरा वायरस और कितना है खतरनाक?
चांदीपुरा वायरस (CHPV) रेबडोविरिडे फैमिली का वायरस है, जो मुख्य रूप से मादा सैंडफ्लाई (बालू मक्खी), मच्छरों और पिक्स के काटने से इंसानों में फैलता है। यह वायरस सबसे ज्यादा 15 साल से कम उम्र के बच्चों को अपना शिकार बनाता है।
संक्रमण की स्थिति में मरीज के दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) आने लगती है। यह वायरस इतनी तेजी से हमला करता है कि समय पर सही इलाज न मिलने पर स्थिति काफी गंभीर हो सकती है।
पहचानें इसके मुख्य लक्षण:
- अचानक बहुत तेज बुखार आना
- लगातार उल्टी होना या जी मिचलाना
- तीव्र सिरदर्द और शरीर में ऐंठन
- बच्चे का अत्यधिक सुस्त होना या बेहोश होना
- दौरे (Seizures) पड़ना
संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें?
फिलहाल चांदीपुरा वायरस के इलाज के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लक्षणों का त्वरित इलाज और बचाव ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
- मक्खियों और मच्छरों से बचें: घर के आसपास कीटनाशकों का छिड़काव कराएं और कच्चे इलाकों में सफाई रखें।
- पूरी आस्तीन के कपड़े: बच्चों को बाहर खेलते समय शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनाएं।
- तत्काल डॉक्टरी सलाह: बुखार के साथ अगर बच्चा सुस्त दिखे या उल्टी करे, तो बिना एक मिनट गंवाए नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
केंद्र और राज्य सरकारों का पूरा ध्यान फिलहाल संक्रमण की चेन को तोड़ने और प्रभावित इलाकों में बेहतर मेडिकल सुविधाएं पहुंचाने पर है।