विंध्य एक्सप्रेसवे विरोध: 17वें दिन भी डटे किसान, भाकियू का अल्टीमेटम— 'हल नहीं निकला तो धरने पर बैठेंगे राकेश टिकैत'
चंदौली | 29 जुलाई 2026
चंदौली में विंध्य एक्सप्रेसवे के खिलाफ किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया। किसानों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।
'ड्रोन सर्वे ने बिगाड़ा खेल, वैकल्पिक मार्ग पर विचार करे यूपीडा'
धरना स्थल पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने शासन-प्रशासन को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यूपीडा (UPEIDA) ने इस परियोजना का खाका बिना धरातलीय जांच के, केवल ड्रोन सर्वे के जरिए तैयार किया है।
"ड्रोन सर्वे की लापरवाही की वजह से यह एक्सप्रेसवे घनी आबादी, स्कूलों और किसानों की सबसे उपजाऊ जमीनों के बीच से होकर गुजर रहा है। यह पूरी तरह अमान्य है। यूपीडा को जिद छोड़कर किसी वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार करना ही होगा।"
— सतीश सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष (भाकियू टिकैत)
राकेश टिकैत के आगमन की चेतावनी
भाकियू जिलाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय किसान यूनियन जिले के किसानों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। यदि शासन ने जल्द ही सकारात्मक वार्ता का रास्ता नहीं निकाला और हीला-हवाली जारी रखी, तो भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत स्वयं चंदौली आकर इस अनिश्चितकालीन धरने की कमान संभालेंगे।
पूर्व विधायक डबलू सिंह ने दिया समर्थन, सपा किसानों के साथ
धरना स्थल पर पहुँचे पूर्व विधायक डबलू सिंह ने किसान संघर्ष मोर्चा को अपना पूर्ण समर्थन घोषित किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके कार्यकर्ता इस लड़ाई में पूरी मजबूती से किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
धरना स्थल पर प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
17वें दिन के धरने में सैकड़ों किसानों के साथ प्रमुख रूप से दशरथ राम, महेंद्र राम, बहादुर यादव, रिंकू, उमाशंकर मिश्रा, राजू, और संजय सिंह सहित कई किसान नेता और ग्रामीण डटे रहे।
सभी किसानों ने एक स्वर में हुंकार भरी— "जान दे देंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे!