जिस मासूम ने अभी ठीक से दुनिया में अपनी आंखें भी नहीं खोली थीं, उसे वही लोग बीच रास्ते में अकेला छोड़ गए जो उसे इस दुनिया में लाए थे। महाराष्ट्र के नासिक से सामने आई एक नवजात बच्ची की तस्वीर इस वक्त हर किसी का कलेजा छलनी कर रही है। कपड़ों में लिपटी यह नन्हीं सी जान अपनी ही धुन में मुस्कुरा रही है—उसे नहीं पता कि उसके अपनों ने ही उससे अपना हाथ छुड़ा लिया है।
मासूम की बेपरवाह मुस्कान और समाज पर गहरा सवाल
इस नन्हीं बच्ची की मुस्कान में इतना भोलापन है कि कोई भी देखकर भावुक हो जाए। लेकिन इस तस्वीर के पीछे एक कड़वी सच्चाई छिपी है, जो हमारे समाज की संवेदनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। आखिर इस नवजात का क्या कसूर था? क्यों एक मां-बाप के लिए अपनी ही औलाद को इस तरह छोड़ देना मजबूरी बन गया?
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, किसी मासूम को लावारिस छोड़ देना किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
प्रशासनिक कदम और बच्ची का भविष्य
घटना की जानकारी मिलते ही नासिक के स्थानीय प्रशासन और बाल कल्याण समिति (CWC) ने मामले का संज्ञान लिया है। फिलहाल बच्ची को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां उसकी चिकित्सकीय जांच की जा रही है। बाल कल्याण विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि मासूम को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा मिले।
कानूनी प्रक्रिया और गोद लेने का नियम
भारत में लावारिस मिले बच्चों के लिए एक तय कानूनी प्रक्रिया है:
- चाइल्ड हेल्पलाइन (1098): किसी भी नवजात के लावारिस मिलने पर तुरंत 1098 पर सूचना दी जाती है।
- मेडिकल चेकअप: सबसे पहले शिशु का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाता है।
- बाल कल्याण समिति (CWC): बच्ची को सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश कर उसे शिशु गृह (Specialised Adoption Agency) भेजा जाता है।
- लीगल फ्री फॉर एडॉप्शन: माता-पिता की तलाश के लिए कानूनी समयसीमा तय होती है। इसके बाद बच्ची को 'CARA' (केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण) के माध्यम से गोद देने की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।
हर बच्चे को प्यार और सुरक्षा का हक
हर बच्चा इस दुनिया में प्यार, सुरक्षा और सम्मान पाने का हकदार है। तिरस्कार और अकेलापन किसी भी बच्चे की किस्मत नहीं होनी चाहिए। नासिक की इस नन्हीं परी के लिए पूरा देश दुआ कर रहा है कि इसे जल्द ही एक ऐसा परिवार मिले, जो इसे अपनी पलकों पर बिठाकर रखे और एक उज्ज्वल भविष्य दे सके।