देश की आजादी के जश्न को खास बनाने और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का सिलसिला देश भर में शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में राष्ट्रप्रेम की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली है। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय अभियान 'हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा' के तहत शहर के एक प्रमुख शिक्षण संस्थान में ऐसा नज़ारा दिखा, जिसने हर किसी के दिल में देश के प्रति सम्मान को और गहरा कर दिया।मैदागिन के स्कूल में गूंजा 'हर घर तिरंगा' का नारा
वाराणसी के व्यस्त इलाके मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज का परिसर इन दिनों देशभक्ति के रंगों में रंगा हुआ नजर आया। मौका था सामाजिक संस्था 'सुबह-ए-बनारस क्लब' और लक्ष्मी नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी के दिलों में देश के प्रति कृतज्ञता और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूती देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। संस्था के अध्यक्ष एवं जाने-माने समाजसेवी मुकेश जायसवाल, लक्ष्मी नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार राय और कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. प्रियंका तिवारी के कुशल नेतृत्व में सैकड़ों छात्राओं ने एक स्वर में राष्ट्रप्रेम की शपथ ली।
हाथों में तिरंगा और आंखों में चमक
जब सैकड़ों छात्राओं के हाथों में देश का आन, बान और शान कहे जाने वाला तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज थमाया गया, तो पूरा परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। छात्राओं के चेहरे पर एक अलग ही चमक और गर्व का भाव साफ झलक रहा था।
- घर-घर फहराएगा तिरंगा: छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे 10 से 15 अगस्त के बीच अपने-अपने घरों पर गर्व के साथ तिरंगा फहराएंगी।
- समाज में जागरूकता: केवल अपने घर तक सीमित न रहकर, वे अपने आस-पड़ोस के लोगों और रिश्तेदारों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
- शहीदों को नमन: इस दौरान देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
अभियान का असली मकसद: सिर्फ झंडा फहराना नहीं, बल्कि...
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने छात्राओं और वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए इस अभियान के गहरे अर्थ को समझाया। वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान का दायरा सिर्फ घरों की छतों या दीवारों तक राष्ट्रीय ध्वज लगाना भर नहीं है। इसका असली उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण, आपसी भाईचारा और स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों के संघर्षों की याद को जीवंत रखना है।
"स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हमारा यह राष्ट्रीय कर्तव्य बन जाता है कि हम अपने तिरंगे के सम्मान में कोई कमी न आने दें। यह अभियान हमें हमारी उस विरासत की याद दिलाता है, जिसे पाने के लिए हमारे पूर्वजों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।" - वक्ता, सुबह-ए-बनारस क्लब
2026 के इस महापर्व में सबकी भागीदारी जरूरी
आयोजकों ने जानकारी दी कि 10 से 15 अगस्त तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ हर आवासीय परिसर को तिरंगे से सजाने का लक्ष्य रखा गया है। वाराणसी में इस अभियान की शुरुआत ने यह साबित कर दिया है कि युवा वर्ग देश की संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की शिक्षिकाओं और प्रबंध समिति के सदस्यों ने भी इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। अंत में सभी ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि देश है तो हम हैं, और देश की पहचान हमारा तिरंगा ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: 'हर घर तिरंगा' अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाना और देश के अमर शहीदों के बलिदान को याद करना है।
Q2: वाराणसी में यह जागरूकता कार्यक्रम किसके नेतृत्व में आयोजित किया गया?
यह कार्यक्रम 'सुबह-ए-बनारस क्लब' के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, डॉ. अशोक कुमार राय और प्रधानाचार्या डॉ. प्रियंका तिवारी के नेतृत्व में श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज में आयोजित हुआ।
Q3: आम नागरिक इस अभियान में कैसे हिस्सा ले सकते हैं?
नागरिक 10 से 15 अगस्त के दौरान अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) फहराकर तथा दूसरों को इसके लिए प्रेरित करके इस राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।