दक्षिण-पूर्व एशियाई देश थाईलैंड से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक स्कूल परिसर के भीतर हुई अचानक गोलीबारी की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस हमले में एक शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई मासूम छात्र गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस भयावह हमले की पुष्टि की है। घटना के तुरंत बाद स्कूल परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए बच्चे और अन्य स्टाफ इधर-उधर भागते नजर आए।
घटनास्थल का आंखों देखा हाल और अफरा-तफरी
प्राप्त शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बंदूकधारी ने अचानक स्कूल में प्रवेश किया और ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हमले के समय कक्षाओं में नियमित पढ़ाई चल रही थी। सिरफिरे हमलावर की गोलियों का शिकार एक बहादुर शिक्षक बन गए, जिन्होंने छात्रों की सुरक्षा का प्रयास करते हुए अपनी जान गंवा दी।
"अचानक गोलियों की आवाज सुनकर स्कूल में चीख-पुकार मच गई। सुरक्षाबल तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। दर्जनों घायल बच्चों को एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है।" - स्थानीय प्रशासन
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, कुछ बच्चों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस, हमलावर की तलाश तेज
घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और विशेष कमान्डो दस्ते ने स्कूल को चारों तरफ से घेर लिया। शुरुआती जांच में हमलावर के मंसूबों और पहचान को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हमलावर का स्कूल से कोई पुराना संबंध था या यह एक सोची-समझी साजिश थी।
- घायलों का इलाज: सभी घायल छात्रों को आपातकालीन चिकित्सा दी जा रही है।
- इलाके में अलर्ट: आसपास के सभी शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- अभिभावकों में खौफ: अपनों की सलामती की खबर लेने के लिए स्कूल के बाहर बदहवास माता-पिता का हुजूम जमा हो गया।
थाईलैंड में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि थाईलैंड में नागरिक स्तर पर बंदूक रखने की दर काफी अधिक है, हालांकि स्कूलों पर इस तरह के सीधे हमले बेहद दुर्लभ और स्तब्ध करने वाले होते हैं। इससे पहले भी देश में हुई सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं ने दुनिया भर को हिलाकर रख दिया था। इस ताजा वारदात ने एक बार फिर देश में हथियारों के कानून और शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, थाई सरकार और शीर्ष पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।